दुष्कर्म करने वाले को 20 साल की सजा

उज्जैन। नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को न्यायालय ने 20 साल की सजा सुनाई है। आरोपी को 17 हजार के अर्थदंड से दंडित भी किया गया है। मीडिया सेल प्रभारी कुलदीपसिंह भदौरिया ने बताया कि 21 सिंतबर 2023 को नाबालिग अपने घर से लापता हो गई थी। परिजनों ने उसकी तलाश की, इस दौरान पता चला कि बालिका के लापता होने वाले दिन से देवीलाल पिता हरिराम सिंगार 23 वर्ष निवासी ग्राम दंडोता भी लापता है। परिजनों की शिकायत पर बड़नगर थाना पुलिस ने अपहरण की धारा 363 का का प्रकरण दर्ज कर जांच में लिया। कुछ दिन बाद देवीलाल सिंगार को हिरासत में लिया गया और उसके कब्जे से नाबालिग को दस्तयाब किया। नाबालिग के कथन लेने पर उसने देवीलाल द्वारा जबरदस्ती गलत काम करना बताया। पुलिस ने मामले में 376, 376(3), 376 (2) (एन) भादंवि एवं धारा 5 (जे-11)/6, 5-एल/6, 3/4(2) लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 का इजाफा कर आरोपी को कोर्ट में पेश किया। 35 माह चली सुनाई के बाद बड़नगर पास्को एक्ट न्यायालय के विशेष न्यायाधीश रामबिलास गुप्ता ने फैसला सुनाते हुये आरोपी को 20 की सजा और 17 हजार के अर्थदंड से दंडित किया। प्रकरण में भारती उज्जालिया, विशेष लोक अभियोजक द्वारा पैरवी की गई।

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