उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन में आवारा कुत्तों की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। जिले में हर महीने करीब 2 हजार डॉग बाइट के मामले सामने आ रहे हैं। स्थिति यह है कि स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ महाकाल दर्शन के लिए आने वाले बाहर के श्रद्धालु भी आवारा कुत्तों का शिकार बन रहे हैं। जिले में एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाने की सुविधा केवल चरक अस्पताल में उपलब्ध होने के कारण सभी मरीजों को वहीं उपचार के लिए पहुंचना पड़ता है।
चरक अस्पताल में बढ़ रहा मरीजों का दबाव
चरक अस्पताल में कई बार एक साथ बड़ी संख्या में डॉग बाइट के मरीज पहुंच जाते हैं। अस्पताल में एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाने की जिम्मेदारी केवल तीन नर्सों पर होने से मरीजों को कई देर तक इंतजार करना पड़ता है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अस्पताल में एंटी-रेबीज वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता है।
महाकाल मंदिर क्षेत्र में भी सामने आए मामले
महाकालेश्वर मंदिर और महाकाल लोक क्षेत्र में भी डॉग बाइट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हाल ही में महाकाल मंदिर परिसर में कार्यरत एक महिला सफाई कर्मी पर आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया था। इसके साथ ही बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं पर भी कुत्ते हमला कर चुके हैं इस कारण महाकाल मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की भी सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
हाल के महीनों में हुईं कई गंभीर घटनाएं
जनवरी 2026 में महिदपुर में एक कुत्ते ने करीब 40 लोगों को काट लिया था। वहीं जून 2026 में महिदपुर तहसील के देलवाड़ी गांव में एक तीन वर्षीय बच्चे पर आवारा कुत्ते ने हमला कर उसे घायल कर दिया। कुछ दिन पहले शहर में एक महिला अपने बच्चों के साथ स्कूटी से जा रही थी, तभी एक कुत्ता पीछे पड़ गया। घबराहट में महिला बच्चों सहित सड़क पर गिर गई। इस घटना के बाद बोहरा समाज ने नगर निगम को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की थी।आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या के बावजूद नगर निगम की कुत्तों को पकड़ने और नसबंदी कराने की व्यवस्था फिलहाल बंद पड़ी है। निगम का डॉग शेल्टर खाली है और वर्तमान में इस कार्य के लिए कोई एनजीओ भी कार्यरत नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद शहरवासियों को उम्मीद है कि निगम इस दिशा में प्रभावी कदम उठाएगा।
इन्होंने यह कहा…
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) के अनुसार, जिले में हर महीने लगभग 2 हजार डॉग बाइट के मामले दर्ज होते हैं। उन्होंने बताया कि चरक अस्पताल में सभी मरीजों के लिए एंटी-रेबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और इसकी कोई कमी नहीं है।