शहर में खस्ताहाल चैंबर बने हादसों की वजह, कई स्थानों पर ढक्कन टूटे व धंसे चामुंडा माता चौराहा और बुधवारिया क्षेत्र में बढ़ा खतरा, वाहन चालकों को हो रही परेशानी

उज्जैन। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सीवरेज एवं ड्रेनेज चैंबरों की खराब स्थिति आम नागरिकों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। कई स्थानों पर चैंबरों के ढक्कन टूटे हुए हैं, जबकि कई चैंबर सड़क की सतह से नीचे धंस गए हैं। ऐसे हालात दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ा रहे हैं और राहगीरों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
शहर के प्रमुख मार्गों पर स्थित कई चैंबर लंबे समय से मरम्मत की प्रतीक्षा कर रहे हैं। चामुंडा माता चौराहा, बुधवारिया पानी की टंकी क्षेत्र तथा अन्य स्थानों पर खस्ताहाल चैंबर वाहन चालकों के लिए जोखिम पैदा कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार इनकी वजह से दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं, इसके बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया जा सका है।
चामुंडा माता चौराहे पर बैरिकेड लगाकर किया गया अस्थायी इंतजाम
चामुंडा माता चौराहे पर सड़क के बीच स्थित एक चैंबर का ढक्कन क्षतिग्रस्त होने से वहां खतरे की स्थिति बनी हुई है। जानकारी के अनुसार कई बार वाहन के पहिए इसमें फंस चुके हैं। दुर्घटना की आशंका को देखते हुए पुलिसकर्मियों द्वारा चैंबर के ऊपर बैरिकेड लगाकर अस्थायी सुरक्षा व्यवस्था की गई है, लेकिन अब तक इसकी मरम्मत नहीं हो सकी है।
खुले और धंसे चैंबरों से बढ़ रही दुर्घटना की आशंका
शहर में कई स्थानों पर चैंबरों के ढक्कन खुले पड़े हैं, जबकि कुछ चैंबर सड़क से नीचे धंस गए हैं। विशेषकर रात के समय या यातायात के दबाव वाले क्षेत्रों में ये चैंबर गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं।
छोटे लेकिन महत्वपूर्ण कार्यों की हो रही अनदेखी
 शहर में विकास कार्यों पर बड़े स्तर पर ध्यान दिया जा रहा है, लेकिन जनसुरक्षा से जुड़े छोटे और महत्वपूर्ण कार्यों की उपेक्षा हो रही है। चामुंडा माता चौराहा, फ्रीगंज और बुधवारिया क्षेत्र में स्थित खतरनाक चैंबरों के सुधार की मांग कई बार उठाई जा चुकी है, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
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