सुप्रीम कोर्ट का फैसला:कहा- SIR अवैध नहीं; EC ने 10 राज्य और 3 UT में 7.41 करोड़ नाम काटे

पटना।सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण, यानी SIR को वैध और संवैधानिक करार दिया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुआई वाली बेंच ने कहा कि SIR मनमाना नहीं है और चुनाव आयोग को इसके लिए विशेष प्रक्रिया अपनाने का अधिकार है।

कोर्ट ने चुनाव आयोग को संदिग्ध नागरिकता के आधार पर वोटर लिस्ट से हटाए गए व्यक्तियों के नाम चार हफ्ते में केंद्र सरकार को भेजने के निर्देश भी दिए।चुनाव आयोग ने जून 2025 में बिहार से SIR की शुरुआत की थी। क्योंकि फैसले के बाद सबसे पहले यहीं चुनाव होने थे। इसके बाद पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी में SIR कराया गया। असम में स्पेशल रिवीजन (SR) हुआ था।अब तक 10 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में SIR हो चुका है। इनमें अब तक कुल 7.41 वोटर्स के नाम कट चुके हैं। सबसे ज्यादा यूपी 2.89 करोड़ नाम काटे गए।

सबसे पहले बिहार SIR का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। इस प्रक्रिया के खिलाफ इन राज्यों से कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट पहुंची थीं। कुल कितनी याचिकाएं थीं इसकी जानकारी नहीं है।

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