उज्जैन। रिश्ता कराने के नाम पर हजारों की धोखाधड़ी करने वाले दंपति के खिलाफ 2 माह से जारी जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। दंपति ने 410 लोगों से रजिस्ट्रेशन शुल्क के नाम पर हजारों रूपये जमा कराये थे, लेकिन रिश्ता नहीं कराया था, ना ही जमा कराई राशि वापस लौटाई थी।
माधवनगर थाना क्षेत्र के मिनी चौपाटी पर श्री शुभारंभ नाम से संस्था खोल गोपाल उमठ और उसकी पत्नी शबाना उर्फ सानवी ने रिश्ता तय कराने का काम शुरू किया था। उन्होने अपनी संस्था के पम्पप्लेट प्रदेश के साथ ही अन्य राज्यों में वितरित कराये थे। 25 फरवरी को ग्राम सतबड़ा तहसील जावर जिला सिहोर के रहने वाले विष्णुदास पिता चरणदास बैरागी ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई कि उसने पर्चा मिलने पर श्री शुभारंभ संस्था से संपर्क किया था। संस्था के आॅफिस आने पर उससे रजिस्ट्रेशन शुल्क के नाम पर 16 हजार रूपये जमा कराये गये और 12 रिश्ते दिखाने की बात कहीं। सालभर गुजर जाने के बाद भी रिश्ता नहीं कराया, ना ही रूपये वापस किये जा रहे है। पुलिस ने श्री शुभारंभ संस्था पर दबिश मारी। इस दौरान पता चला कि रिश्ता कराने के नाम पर लोगों के साथ धोखाधड़ी की जा रही है। पुलिस ने संस्था के आॅफिस से दस्तावेज जप्त किये और गोपाल के साथ उसकी पत्नी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। गोपाल उमठ की गिरफ्तारी कर ली गई थी। जबकि उसकी फरार पत्नी ने अग्रिम जमानत प्राप्त कर ली। इस दौरान मामले की जांच जारी थी। एसआई सालगराम चौहान ने बताया कि मामला उजागर होने के बाद रिश्ता कराने के नाम पर धोखाधड़ी का शिकर लोगों ने थाने आकर शिकायत दर्ज कराना शुरू कर दिया। 2 माह में 410 लोग सामने आ चुके है। जिनके अनुसार किसी से 11 हजार, कुछ से 21 हजार और कुछ लोगों से 16 हजार रूपये लिये गये। लेकिन किसी का भी रिश्ता नहीं कराया गया। जांच के दौरान पता चला है कि आफिस में कुछ युवतियां भी काम करती थी, जिनके बयान दर्ज किये है। फिलहाल जांच जारी है, गोपाल उमठ और उसकी पत्नी के साथ काम करने वालों की धोखाधड़ी में संलिप्ता पाई गई तो उन्हे भी आरोपी बनाया जायेगा।
लड़की दिखाते थे, बाद में कर देते थे मना
एसआई सालगराम चौहान के अनुसार रिश्ता तय कराने के नाम पर गोपाल उमठ और उसकी पत्नी द्वारा 12 रिश्ते दिखाने की बात कहीं जाती थी। एक-दो दिन बाद लड़की दिखाई जाती थी, जिसके साथ उसकी मां भी शामिल होती थी। लड़के द्वारा लडकी को पसंद किया जाता था तो उससे कहा जाता था कि लड़की और उसके परिजन तुम्हारे घर आयेगें। लेकिन कुछ दिन बाद लड़के और उसके परिवार को बताया जाता था कि लड़की ने शादी करने से मना कर दिया है। उसके बाद महिनों तक उसे दूसरा रिश्ता दिखाने का झांसा दिया जाता था। कुछ परिवार को 3-4 लड़कियां दिखाई जाती थी लेकिन उन्हे भी बाद में लड़की या उसके परिवार द्वारा लड़का पसंद नहीं आने की बात पर रिश्ता नहीं कराया जाता था।
लड़कियों को दिये जाते थे 200 रूपये रोज
पुलिस जांच में पता चला कि रिश्ता कराने के नाम पर जिन लड़कियों को दिखाया जाता था और उनके साथ माता-पिता दिखाई जाते थे। उन्हे 200-200 रूपये रोज दिये जाते थे। लड़की दिखाने के दौरान उन्हे चुप रहने को कहा जाता था। पुलिस ने ऐसी कुछ लड़कियों के बयान भी जांच के दौरान दर्ज किये है। यहीं नहीं संस्था द्वारा उज्जैन के लोगों का रिश्ता नहीं कराया जाता था। वह दूसरे राज्यों और जिलों से आने वालों को अपने जाल में फंसाते थे। उन्हे रिश्ता नहीं होने पर 25 प्रतिशत राशि वापस करने की बात कहीं जाती थी और आकाउंट नम्बर लिया जाता था, लेकिन आकाउंट में राशि नहीं भेजी जाती थी।
2 माह की जांच में उजागर हुई दंपति की करतूत रिश्ता कराने के नाम 410 लोगों को लगाया था चूना