दिल्ली/गाजियाबाद।इच्छामृत्यु पाने वाले गाजियाबाद के हरीश राणा का अंतिम संस्कार हो गया। दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट में बुधवार सुबह 9.40 बजे छोटे भाई आशीष ने मुखाग्नि दी। इससे पहले, हरीश का पार्थिव शरीर श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा (62) ने बेटे हरीश को आखिरी बार प्रणाम किया। पिता ने रोते हुए लोगों से हाथ जोड़कर कहा-कोई रोना मत। बेटा शांति से जाए, इसलिए प्रार्थना कर रहा हूं। बेटा अब जहां जन्म ले, उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।
31 साल के हरीश ने कल यानी 24 मार्च को दिल्ली एम्स में अंतिम सांस ली थी। वे 13 साल से कोमा में थे। डॉक्टर्स के मुताबिक परिवार ने हरीश के फेफड़े, दोनों किडनी और कॉर्निया दान किया है। इससे 6 लोगों को नया जीवन मिलने की उम्मीद है।हरीश को एम्स में पैसिव यूथेनेशिया दिया गया। इसका मतलब होता है कि किसी गंभीर रूप से बीमार मरीज को जिंदा रखने के लिए जो बाहरी लाइफ सपोर्ट या इलाज दिया जा रहा है, उसे रोक दिया जाए या हटा लिया जाए, ताकि मरीज की प्राकृतिक रूप से मौत हो सके।