महिदपुर। प.पू. राष्ट्रसंत श्रीमद् विजय जयंतसेन सुरिश्वरजी म.सा. के पट्टधर प.पू. गच्छाधिपति श्रीमद् विजय नित्यसेन सूरिश्वरजी म.सा. के आज्ञानुवर्ती प.पू. सतावधानी मुनिराज श्री प्रत्यक्षरत्न विजयजी म.सा. एवं सरलमना प.पू. मुनिराज श्री पवित्ररत्न विजयजी म.सा. का तीन दिवसीय अल्पप्रवास पर महिदपुर आगमन हुआ। आपश्री के प्रवचन प्रतिदिन राजेन्द्र सुरी उपाश्रय में हुए जिसमें बड़ी संख्या में श्रावक श्राविकाओं ने प्रवचन का लाभ लिया। मुनि भगवंत ने कहा कि दुख व सुख कर्मो के अधीन है जो भी घटित होता है वह पूर्व भव में किये गये कर्मो के कारण होता है। हमें मनुष्य जन्म मिला है उसे अच्छे कर्म कर मोक्षगामी बनाना चाहिये। मुनि भगवंत ने 13 फरवरी की शाम को नागदा की ओर विहार किया। समाजजनों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर मुनिश्री को विदाई दी व पुन: महिदपुर पधारने की विनती की। उक्त जानकारी त्रिस्तुति श्री संघ के नरेन्द्र धाड़ीवाल ने दी।
मुनि भगवंत ने महिदपुर से नागदा की ओर विहार किया