अरबाज गांव में खराब फसल का न सर्वे हुआ न मुआवजा मिला, किसान परेशान

दक्षिण उज्जैन में किसान त्रस्त और मंत्री- विधायक मोहन यादव मस्त
 मंत्री के विधानसभा क्षेत्र के अरबाज गांव में खराब फसल का न सर्वे हुआ न मुआवजा मिला, अरबाज गांव के किसान परेशान
उज्जैन। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने आपको किसानों का बहुत बड़ा हमदर्द मान रहे हैं। वह किसानों को भर पल्ले आर्थिक मदद के लिए तैयार हैं। उनके भाषणों में यह बात बार-बार सामने आती है, परंतु शिवराज सरकार के ही कैबिनेट मंत्री मोहन यादव के विधानसभा क्षेत्र में किसान परेशान हैं। पिछली बारिश में उनकी फसलें खराब हो गई। सोयाबीन पूरी तरह डूब गई। इसके बावजूद अभी तक न तो ठीक ढंग से सर्वे हुआ है और न ही किसानों को मुआवजा मिला है। किसान परेशान हैं, हैरान हैं। हालात यह है कि किसान त्रस्त और मंत्री मोहन यादव मस्त हैं।
शिवराज सरकार में कैबिनेट मंत्री व उज्जैन दक्षिण से विधायक मोहन यादव के विधानसभा क्षेत्र में आने वाले कई गांवों में बारिश से फसल खराब होने के कारण कई किसान परेशान हैं। उन्हें अभी तक खराब फसल का मुआवजा नहीं मिला है। मंत्री मोहन यादव के सामने यह बात रखी गई, लेकिन न तो इस मामले में कोई सुनवाई हुई और न ही किसानों के पक्ष में कोई फैसला हुआ। पीड़ित किसानों का कहना है कि हमने हमारी समस्या अधिकारियों को भी बताई। हमारे विधानसभा क्षेत्र से जो विधायक मोहन यादव हैं, उनको भी समस्या बताई, लेकिन हमारी समस्या की न तो सुनवाई हुई और ना ही निराकरण हुआ। किसानों का कहना है कि अब हम हमारी समस्या किसे बताएं और इसका निराकरण कैसे करवाएं? यह समझ से परे हो रहा है। इस बात को लेकर हम बेहद परेशान हैं और हमारी परेशानी यह है कि हम किसे अपनी समस्या सुनाएं? अरबाज गांव के किसान बेहद परेशान हैं।
 परेशानी यह है कि बारिश में फसल खराब हुई थी, पर न सर्वे किया गया और न ही  राहत राशि दी गई। एक किसान ने बताया कि यहां पर कितनी ही ऐसी किसानों की जमीन है, जो डूब जाती है या खराब हो जाती है। बारिश में 400 बीघा से ज्यादा जमीन की फसल खराब हो गई थी। टोटल फसल नष्ट हुई है। दादरा और कटारा फेंकी है। ऐसी सोयाबीन की हालत हुई है कि  एक दाना भी नहीं निकला
। सब दूर मुआवजा मिल गया, लेकिन अरबाज क्षेत्र ही एकमात्र ऐसा है जहां पर मुआवजा नहीं दिया गया। ऐसी कम से कम 400 बीघा जमीन है।  किसान का कहना है कि पटवारी ने सर्वे तो किया था, पर पटवारी का कहना था कि अरबाज गांव को पैसा नहीं देंगे। मुआवजा का पैसा क्यों नहीं देंगे ,इस मामले में शायद कोई दबाव था। उन पर पटवारी सर्वे करके ले भी गए थे। पैसा भी आ गया था ,लेकिन दिया नहीं गया। 25 – 30 किसानों ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की थी तो हेल्पलाइन वालों का कहना है कि गांव में कोई नुकसान नहीं हुआ है।
तो हमारा कहना यह है कि एक बार आकर देखो तो कि कितना नुकसान हुआ है। वह इसी बात पर अडे है कि नहीं हुआ नुकसान। अरबाज गांव  के ही किसान बहादुर सिंह का कहना है कि सोयाबीन पूरी डूब में चली गई। पटवारी ने न कोई सर्वे किया, और न  ही मुआवजा दिया। पटवारी ने बिल्कुल भी सर्वे नहीं किया और न ही सुनवाई की। कोई मुआवजा वगैरह कुछ भी नहीं आया। सभी फसल डूब गई ,जब से कुछ भी नहीं मिला।
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