उज्जैन। हाल ही में हिंदुवादी संगठन ने एक परिसर में गरबा इवेंट के नाम पर रूपए 1500 में पास बेंचने का मामला पकडा है। मनोरंजन कर की चोरी के साथ यह अवैध कमाई का जरिया बन गया है। इसे लेकर संबंधित नगर निगम भी उदासीनता के दौर में हैं। नगर निगम अपनी जिम्मेदारियों से परे होकर इवेंट स्थलों की जांच करने की जहमत भी नहीं उठा रहा है। न तो इवेंट स्थल पर फायर अनुमति देखी गई है और न ही वहां जमा की जा रही भीड की क्षमता को भी जांचा जा रहा हैं।
शहर में पिछले 6 दिनों से गरबा आयोजित हो रहा है। इवेंट के नाम पर इसे आयोजित किया जा रहा है। हिंदुवादी संगठनों के दावे को माना जाए तो उनका कहना है कि व्यवसायिक स्तर पर गरबा आयोजन नहीं किया जा सकता है।हिंदु संगठन इसका शुरूआत से ही विरोध कर रहे हैं और प्रशासन ने भी ऐसे किसी व्यवसायिक गरबा आयोजन को अनुमति नहीं दी है।
सामने आया पास,हिंदु जागरण मंच का विरोध-होटल मित्तल में गुरूवार रात पास बेचने का मामला सामने आया था।जानकारी मिलने पर हिंदु जागरण मंच के अर्जुन सिंह भदौरिया के अनुसार वहां पहुंचने पर पास लेकर इंट्री दी जा रही थी। वहां मौजूद एक युवक ने कहा कि मित्तल एवेन्यू में गरबा इवेंट का पास उसने रूपए 1500 में लिया था। भदौरिया ने वहां कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचकर इसका विरोध किया और सभी को सामान्य रूप से इंट्री करवाई और अपना विरोध दर्ज करवाया है। श्री भदौरिया के अनुसार पिछले दो माह से वे इसका विरोध कर रहे हैं और पास बेचना फ्राड है। प्रशासन ने पेड इवेंट की ऐसी कोई अनुमति नहीं दी है। पेड इवेंट वाले कोई भी गरबा उज्जैन में नहीं होगा। हम हिंदु उत्सवों में भेदभाव किसी स्तर पर नहीं चाहते हैं। उनका कहना था कि परमेश्वरी एवं आस्था में भी ऐसा होने की जानकारी मिल रही है वहां जाकर भी देखा जाएगा।
नगर निगम ने एक भी इवेंट स्थल नहीं देखा-गरबा उत्सवों के आयोजन स्थलों पर जाकर नगर निगम ने मनोरंजर कर के साथ ही वहां की इलेक्ट्रीक व्यवस्था के साथ ही फायर अनुमति को लेकर एक भी स्थल पर जाकर जांच नहीं की है। गरबा इवेंट स्थलों पर भी जाकर वहां की क्षमताओं के विरूद्ध एकत्रित किए जा रही संख्या को लेकर भी जांच करने की हिम्मत नहीं जुटाई गई है।