सालभर से टाल रहा था ठेकेदार, माफी मांग किया भुगतान वृद्धा के गुहार लगाते ही एसपी ने दिलवाई मजदूरी की राशि

उज्जैन। जनसुनवाई में मंगलवार को वृद्धा अपनी फरियाद लेकर एसपी के पास पहुंची थी। वृद्धा सालभर से अपनी मजदूरी का भुगतान नहीं होने से परेशान थी। एसपी ने तत्काल सीएसपी को निर्देशित किया। कुछ देर में ठेकेदार पुलिस कंट्रोलरूम पहुंचा और भुगतान करते हुए वृद्धा से माफी मांगी।
पुलिस कंट्रोलरूम पर प्रत्येक मंगलवार को होने वाली एसपी प्रदीप शर्मा की जनसुनवाई में पंवासा थाना क्षेत्र की रहने वाली 64 साल की बुजुर्ग महिला पहुंची थी। उन्होने गुहार लगाते हुए बताया कि केसरबाग पंवासा में केटरिंग ठेकेदार के यहां काम करती थी। ठेकेदार ने बिना कारण बताये काम से निकाल दिया था और पूर्व में किये गये कार्य का भुगतान भी नहीं किया। मजदूरी मांगने पर सालभर से टाल मटौल कर रहा है। वी मानसिक और आर्थिक रूप से काफी परेशान है। एसपी शर्मा ने बुजुर्ग महिला की बात को धैर्यपूर्वक और गंभीरता से सुना और मानवीयता के आधार पर जीवाजीगंज सीएसपी पुष्पा प्रजापत को निर्देशित किया कि ठेकेदार को बुलाकर भुगतान कराया जाये। सीएसपी ने ठेकेदार का नम्बर प्राप्त किया और उसे बुजुर्ग महिला का रोका गया भुगतान करने की बात कहते हुए पुलिस कंट्रोलरूम बुलाया। करीब एक घंटे बाद ठेकेदार कंट्रोलरूम पहुंचा और बुजुर्ग महिला से माफी मांगते हुए मजदूरी की राशि साढे सात हजार रूपये अदा की। एक घंटे में बकाया राशि मिलने पर बुजुर्ग महिला की आंखो में आंसू आ गये और उनके द्वारा पुलिस और एसपी का आभार माना गया।
सीएसपी ने चोंट लगी देख कराया उपचार
फरियाद लेकर एसपी की जनसुनवाई में पहुंची बुजुर्ग महिला के हाथ में चोंट लगी थी। सीएसपी पुष्पा प्रजापति से राशि का भुगतान करने के साथ चोंट के संबंध में जानकारी ली तो पता चला कि वह 70 वर्षीय पति के साथ रहती है। पानी भरने के दौरान गिरने पर हाथ में चोंट लगी थी। सीएसपी ने मानवीयता के आधार पर अस्पताल भेजा बुजुर्ग महिला के हाथ में फैक्चर था। सीएसपी ने उपचार कराया और पुलिस वाहन से उनके घर से पहुंचाया।
कार्य में सख्त, मानवीयता में संवेदनशील
एसपी प्रदीप शर्मा कार्य में काफी सख्त है। उनका खौफ बदमाशों में साफ दिखाई देता है। वहीं मानवीयता में काफी संवेदनशील है, आमजन हो या फिर पुलिस स्टॉफ उनके लिये हमेशा तत्पर रहते है। उनके कार्यकाल में जहां गुंडे-बदमाशों पर अंकुश लगा है और सलाखों के पीछे तक पहुंचे है, वहीं दिवंगत हुए पुलिसकर्मियों के परिजनों को उनके कार्यकाल में सबसे ज्यादा अनुकंपा नियुक्ति कुछ दिनों में मिली है। वह हमेशा आमजन की सुरक्षा को लेकर जिले में पुलिस अधिकारियों को निर्देशित करते रहते है। पुलिस की लापरवाही सामने आने पर उनके खिलाफ सख्त एक्शन भी लेते है।

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