सारंगपुर। महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव की बरात गांधी चौक व्टकेश्वर महादेव मंदिर से शाम 5 बजे बैंड बाजों के साथ निकाली गई, जो देर रात्रि तक चलती रही। भगवान शिव की बारात में सभी झूम रहे थे। अम्बे माता मंदिर प्रांगण से भगवान शिव पार्वती विवाह पश्चात बरात में शहरवासियों सहित जनप्रतिनिधि शामिल हुए। डीजे, बैंड के कलाकारों द्वारा भोले की बारात में भोले के सुंदर धार्मिक गीतों पर नगरवासी वासी सभी शिवप्रेमियों के साथ नाचते झूमते चल रहे थे। बरात का जगह जगह भव्य स्वागत किया गया। गीतों के स्वर नंदी पर होकर सवार शिव जी चले गोरा ब्याहने, आओ महिमा गायें भोलेनाथ की भक्ति में खो जायें भोलेनाथ की। बरात अम्बे माता मंदिर दरवाजे पर पहुंचते ही दूल्हे की पूजा विधि विधान के साथ की गई। महिला सखियों द्वारा गीत गाए व बारातियों का स्वागत किया गया।
महाशिवरात्रि के पावन पर्व की पूर्व संध्या पर सारंगपुर का हृदयस्थली गांधी चौक पूरी तरह से भोलेनाथ के रंग में रंगा नजर आया। हजारों की संख्या में शिव भक्त यहां से गुजरे, जिनकी भक्ति और उत्साह देखने लायक था। शिव भक्तों की टोली में कई श्रद्धालु भोले भंडारी के रूप में सजे धजे नजर आए। इस दौरान पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह से मुस्तैद दिखा। प्रशासनिक टीम व्यवस्था संभालते दिखाई दी।
प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई व्यवस्था
यातायात सुचारू रूप से संचालित हो सके, इसलिए पुलिस और प्रशासन की ओर से एसपी अमित तोलानी, एएसपी केएल बंजारा, अनुविभागीय अधिकारी रोहित बम्होर, पुलिस एसडीओपी अरविंद सिंह, तहसीलदार आकाश शर्मा, आकांक्षा हाड़ा की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थी। महाशिवरात्रि को लेकर भक्तों का उत्साह चरम पर दिखाई दिया, बस स्टेंैड, भेरूदरवाज, परशुराम चौराहा, सहित अनेक मार्गों पर विद्युत साजसज्जा की रौनक इस पर्व को की भव्य बना रही थी।
तिलभांडेश्वर पहुंची महादेव की बरात
परम्परा अनुसार महाशिवरात्रि पर्व पर इस बार भी देवों के देव महादेव की बारात निकाली गई, इसमें नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए हुए शिव भक्तों ने उत्साह से शामिल होकर भगवान शिव के दर्शन किए। शाम पांच बजे शुरू हुई बारात देर रात तिलभांडेश्वर मंदिर पहुंची, जहां भगवान भोलेनाथ की रस्में पूरी की गई। साथ ही समिति द्वारा वहां विशाल प्रसादी का आयोजन शिव मंदिर में रखा गया। इस मौके पर भजन संध्या सहित अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। इस दौरान राज्यमंत्री गौतम टेटवाल, नपाध्यक्ष पंकज पालीवाल, महादेव मित्र मंडल सदस्य, शिवप्रेमी समिति सदस्य, विश्व हिंदू परिषद सदस्य, बजरंग दल सहित अनेक श्रद्धालु शिव बरात में मौजूद रहे। बताया जाता है कि इस साल विवाह महोत्सव में हजारों श्रद्धालुओं ने शामिल होकर विभिन्ना कार्यक्रमों में भाग लिया। सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करने पहुंचे एसपी अमित तोलानी ने तिलभांडेश्वर मंदिर में की पूजा अर्चना की।
शुजालपुर
महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शहर के नीलकंठेश्वर कॉलोनी स्थित श्री नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। दिनभर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती रही और पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजता रहा। वार्ड क्रमांक 12 स्थित मंदिर में भगवान शिव के नीलकंठ स्वरूप का दिव्य एवं आकर्षक श्रृंगार किया गया। फू लों एवं विद्युत सज्जा से सुसज्जित मंदिर परिसर भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य भजन संध्या में देर रात तक भक्त शिव भजनों पर झूमते रहे। भक्ति रस से सराबोर वातावरण में शिव नाम का निरंतर जाप होता रहा। मध्यरात्रि में महाआरती के साथ विशेष पूजन सम्पन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर समिति द्वारा व्यवस्थाएं संभाली गईं और श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी की गई।
ग्राम अरनियाकलां के समीप स्थित भोले डुगरी अलीसरिया स्थित श्री मनकामेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर भव्य मेले का आयोजन हुआ। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिर परिसर में उमड़ पड़ी और हर-हर महादेव के जयकारों से वातावरण शिवमय हो गया। पर्व के अवसर पर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार तथा विधायक घनश्याम चंद्रवंशी मंदिर पहुंचे। उन्होंने 18 फ ीट ऊंचे त्रिशूल के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। मंदिर में दिनभर जलाभिषेक, रुद्राभिषेक एवं विशेष पूजन का क्रम चलता रहा। शाम को आयोजित भव्य महाआरती में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। मेले में ग्रामीणों के लिए झूले, प्रसाद वितरण और विभिन्न दुकानों की व्यवस्थाएं आकर्षण का केंद्र रहीं। भोले डुंगरी सेवा समिति एवं नवयुवक मंडल के सहयोग से आयोजन शांतिपूर्वक एवं सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने इस आयोजन को आस्था, एकता और परंपरा का प्रतीक बताया।
शिव भक्ति में देर रात तक गूंजे जय शिव के जयकारें