उज्जैन। शिप्रा नदी पर आए दिन हादसों में लोगों की जान जा रही है। लेकिन उसके बाद भी यहां पर सुरक्षा में लापरवाही बरती जा रही है। शिप्रा नदी के रामघाट से दत्त अखाड़ा तरफ जाने वाली छोटी रपट की पुलिया के अधिकांश हिस्से में रेलिंग नहीं लगी है। ऐसे में लोग इस पुलिया से बेहिचक आना-जाना तो कर ही रहे हैं साथ ही किनारे खड़े होकर मोबाइल से फोटो ले रहे हैं। ऐसे में जरा सी चूक की वजह से लोगों की जान भी जा सकती है। उसके बाद भी रपट के बचे हुए हिस्से में रेलिंग नहीं लगाई जा रही है।
प्रतिदिन हजारों की संख्या में बाहर के श्रद्धालु उज्जैन पहुंचकर शिप्रा नदी में स्नान कर महाकाल दर्शन करते हैं तथा शाम को शिप्रा आरती में भी शामिल होते हैं ऐसे में शिप्रा नदी के सभी घाटों पर सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं की चहल पहल बनी रहती है लेकिन उसके बाद भी शिप्रा नदी के घाटों की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है। शिप्रा नदी के छोटे पुल को तोड़कर उसकी जगह नया पुल बनाया जा रहा है। इस कारण रामघाट दत्त अखाड़ा वाली छोटी रपट ( पुलिया) पर लोगों की आवाजाही बढ़ गई है लेकिन उसके बाद भी लापरवाही बरती जा रही है दत्ता खड़ा वाली रपट का आधा हिस्सा बगैर रेलिंग के है इस कारण कभी भी यहां हादसा हो सकता है लेकिन ईश्वर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लोग पुलिया पर मजे से सेल्फी ले रहे है। तथा कई महिलाएं यहां बैठकर दिये छोड़ रही है तथा पानी से अठखेलियां कर रही है। लेकिन उन्हें जरा भी डर नहीं है ना ही कोई उन्हें इस पुलिया पर जाने से रोक रहा है। जबकि शिप्रा नदी में अभी तक इस तरह की लापरवाही की वजह से कई लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है। इसके अलावा शिप्रा नदी के घाटों पर भी यही आलम है। यहां पर भी रेलिंग नहीं लगाई गई है इस वजह से लोगों का घाट पर जाना भी खतरे से खाली नहीं है। कुछ घाट पर यह स्थिति है कि यहां जुगाड़ कर एंगल में रस्से बांध दिए हैं ताकि लोग इसको पार कर गहरे पानी में न जाए ।
इन दोनों शिप्रा नदी पर भी जमकर भीड़
महाकाल लोक बनने के बाद बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की लगातार भीड़ बढ़ती जा रही है ऐसे में शिप्रा नदी पर भी बड़ी संख्या में लोग स्नान के लिए पहुंचते हैं तथा शाम को होने वाली शिप्रा आरती में भी बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं इस कारण पूरे दिन शिप्रा नदी के घाटों पर लोगों की चहल पहल बनी रहती है। लेकिन उसके बाद भी शिप्रा नदी के घाटों पर ना तो सुरक्षा के इंतजाम बढाए गए हैं। ना ही रामघाट दत्ता अखाड़ा वाली छोटी रपट पर सुरक्षा की दृष्टि से रेलिंग लगाई जा रही है।