शहर की सड़कों पर मौत बनकर दौड़ रहे डंपर, अब तक कई लोगों की ले चुके जान

उज्जैन। शहर की सड़कों पर तेज रफ्तार से दौड़ रहे डंपर आम लोगों की जिंदगी के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं में कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके बावजूद भारी वाहनों के संचालन पर प्रभावी नियंत्रण नजर नहीं आ रहा है। वाहनों की फिटनेस, परमिट, बीमा और चालकों की योग्यता की जांच को लेकर परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण, पुल निर्माण सहित विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं। इन कार्यों के लिए निर्माण सामग्री पहुंचाने में बड़ी संख्या में डंपर और रेती से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का उपयोग हो रहा है। निर्माण सामग्री की बढ़ती आवाजाही के बीच शहर की मुख्य सड़कों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी भारी वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। ऐसे में दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई है। भारी वाहनों की तेज रफ्तार और उनके संचालन में लापरवाही आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
नौसिखियों के हाथों में भारी वाहनों की कमान-शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निर्माण सामग्री ढोने के लिए बड़ी संख्या में डंपर संचालित हो रहे हैं। आरोप हैं कि कुछ वाहन मालिक अनुभवहीन चालकों को भारी वाहनों की जिम्मेदारी सौंप देते हैं। भारी वाहनों को चलाने के लिए विशेष कौशल और सतर्कता की जरूरत होती है। ऐसे में अप्रशिक्षित या अनुभवहीन चालकों के हाथों में इन वाहनों की कमान होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। चालकों के लाइसेंस और योग्यता की जांच के साथ यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है।
बिना फिटनेस वाले वाहन भी सडकों पर-
परिवहन विभाग के पास जिले में पंजीकृत वाहनों और उन्हें जारी किए गए फिटनेस प्रमाण-पत्रों का रिकॉर्ड उपलब्ध रहता है। इसके बावजूद पुराने और व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच तथा प्रमाण-पत्रों के नवीनीकरण को लेकर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत महसूस की जा रही है। वाहनों की नियमित जांच नहीं होने की स्थिति में तकनीकी रूप से खराब या निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले वाहन भी सड़क पर दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं।
नियमों के पालन के लिए जरूरी है सख्ती-शहर में निर्माण कार्यों के चलते भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन इससे आम लोगों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। डंपरों की गति नियंत्रित करने, चालकों के वैध लाइसेंस की जांच करने तथा फिटनेस, परमिट और बीमा संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन करने की आवश्यकता है। साथ ही भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भारी वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था जरूरी है।
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