उज्जैन। लोक निर्माण विभाग ने सोच बदलो देश बदलेगा की तर्ज पर महाकाल की नगरी उज्जैन में अपनी सडक़ों की सूरत बदलने में प्रदेश में कीर्तिमान रच दिया है। सडक़ों के गड्ढों और खराब रास्तों की ऑनलाइन शिकायतों के निपटारे में उज्जैन जिला प्रदेश में अव्वल स्थान पर रहा है। उज्जैन लोक निर्माण विभाग के प्रभारी कार्यपालन यंत्री अजय यादव ने बताया कि एप पर दर्ज शिकायतों को बिना किसी देरी के सीधे मैदानी इंजीनियरों तक पहुंचाकर समय सीमा से पहले निराकरण कराने की सीधी जवाबदेही तय की गई थी, जिसके सकारात्मक परिणाम धरातल पर आए हैं।
श्री यादव के अनुसार यदि आपको अपने आसपास या शहर में कोई भी खराब सडक़ या गड्ढा दिखाई दे, तो गूगल प्ले स्टोर से लोकपथ एप डाउनलोड कर लाइव फोटो अपलोड करके अपनी शिकायत सीधे विभाग तक पहुंचा सकते हैं।
ऐसे काम करता है एप-
विभाग ने शिकायतों के तत्काल समाधान के लिए एक पारदर्शी और डिजिटल व्यवस्था तैयार की है।
आम नागरिक किसी भी खस्ताहाल सडक़ या खतरनाक गड्ढे के पास पहुंचकर लोकपथ एप के जरिए उसकी लाइव फोटो खींचकर अपलोड कर सकते हैं। एप पर शिकायत दर्ज होते ही मुख्यालय से संबंधित क्षेत्र के इंजीनियर को मैसेज और लोकेशन पहुंच जाती है। संबंधित इंजीनियर को तय समयावधि (सामान्यत: 7 दिन) के भीतर गड्ढों का सुधार कार्य पूरा करना होता है। सडक़ की मरम्मत के बाद अधिकारी को उसी स्थान की नई फोटो एप पर अपलोड करनी होती है। शिकायतकर्ता की संतुष्टि मिलने के बाद ही सिस्टम में शिकायत को बंद माना जाता है।
327 शिकायतों का निराकरण-
हाल ही में लागू की गई व्यवस्था के तहत पिछले पूरे माह में लोकपथ एप पर जिले की खराब सडक़ों और गड्ढों की मरम्मत से जुड़ी कुल 327 शिकायतें आई थीं। उज्जैन लोक निर्माण विभाग की विशेष टीम ने इन सभी शिकायतों का त्वरित निराकरण किया और ऑनलाइन ही शिकायतकर्ताओं से उनकी संतुष्टि का फीडबैक भी लिया। इसके तहत प्रदेश में लोकपथ एप की शिकायत निवारण में जिला प्रदेश में अव्वल रहा है।