विधानसभा चुनाव निर्दलीय लड़ूंगी, कांग्रेस-बीजेपी को हरा सकती हूं
ब्रह्मास्त्र इंदौर
इंदौर नगर निगम के बजट सत्र में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को लेकर शुरू हुआ विवाद धर्म बनाम राष्ट्रवाद के साथ ही अब राजनीतिक रूप ले चुका है। बीजेपी-कांग्रेस के बाद अब असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी (आॅल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) भी इस मुद्दे को लेकर मैदान में कूद गई है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया है कि रुबीना खान हमारे संपर्क में हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा है कि कांग्रेस के बड़े नेताओं से बातचीत चल रही है। रुबीना से जब सवाल किया गया कि कांग्रेस ने उनके बयान से किनारा कर लिया है तो वह यह सुनते ही भड़क गईं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी भाड़ में जाए। ऐसे जब भी मौके आते हैं तो कांग्रेस पल्ला झाड़ लेती है। कांग्रेस पार्टी सिर्फ मुसलमानों का वोट लेने के लिए है। कांग्रेस से कोई अनुबंध थोड़ी न करा रखा है।
हम ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम में चले जाएंगे। रुबीना ने आगे यह बयान भी दिया है कि कांग्रेस पार्टी जो भी निर्णय लेगी, मुझे स्वीकार होगा। रखेंगे तो ठीक, नहीं रखेंगे या निकाल देंगे तो भी कोई बात नहीं। मैं हर फैसले के लिए तैयार हूं। मुझे अपने नसीब और ऊपर वाले पर भरोसा है। हो सकता है कि मैं विधानसभा चुनाव लड़ूं और अगर लड़ूंगी तो निर्दलीय लड़ूंगी। मैं खुद नहीं जीत पाई तो सामने वाले को हराने की क्षमता जरूर रखती हूं। चाहे वह कांग्रेस हो या बीजेपी। रुबीना ने कहा कि कांग्रेस से बाहर निकालने वाले चिंटू चौकसे होते कौन हैं। यह उनकी नहीं राहुल गांधी की पार्टी है। मुझे पीसीसी से लेटर आएगा तो बात रखूंगी। मुझे तो ओवैसी की पार्टी से न्योता आ गया है।
मुस्लिम पार्षद बना रहे कांग्रेस से दूरी- कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस में खींचतान काफी लंबे समय से चल रही है। वह खुलकर बाहर नहीं आ रही थी, लेकिन यह खुलकर सामने आ चुकी है। अब कांग्रेस में दो धड़े हो चुके हैं। एक धड़ चिंटू समर्थकों का है तो दूसरा मुस्लिम नेताओं का। संगठन सृजन के बाद से ही कांग्रेस के अधिकतर मुस्लिम पार्षद दूरी बनाकर बैठे हुए हैं। बजट सत्र के दौरान भी कांग्रेस के मुस्लिम पार्षदों (फातमा रफीक खान, रुखसाना अनवर दस्तक, सुनहेरा अंशाफ अंसारी, अयाज बेग और शाहीन साजिद खान) ने पूरे सत्र से दूरी बनाकर रखी हुई थी।
विकास के मुद्दों पर बात होनी चाहिए: फौजिया- निगम सदन में वंदे मातरम् नहीं गाने की बात सबसे पहले बोलने वाली कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम का कहना है कि इस बात को यहीं खत्म करना चाहिए। दोनों ही पार्टियों को बैठकर आपस में शहर हित और देश हित में कैसे अच्छा काम हो, इस पर विचार करना चाहिए। वहीं कांग्रेस अल्पसंख्यक मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष शेख अलीम का कहना है कि हम मरते दम तक कांग्रेस पार्टी में रहेंगे। हमारा एआईएमआईएम के संपर्क में रहने का सवाल ही नहीं बनता है जो उनके संपर्क में हैं, वह जाएं। हमारा एआईएमआईएम से कोई लेना-देना नहीं है।