बीमारी से कर रहा था संघर्ष, एसपी ने दी श्रद्धांजलि नहीं रहा वर्दी का 25 साल साथ निभाने वाला हीरा

उज्जैन। कानून व्यवस्था के साथ वीआईपी ड्युटी, धार्मिक आयोजनों में पुलिस वर्दी के साथ कदम से कदम मिलाने वाला हीरा (अश्व) सोमवार को साथ छोड़ गया। निधन की खबर मिलते ही एसपी पुलिस लाइन पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की।
वर्ष 2001 में 4 साल की उम्र का अश्व ‘हीरा’ पुलिस विभाग में शामिल हुआ था। शांत स्वभाव के हीरा ने पुलिस वर्दी के साथ अनुशासन एवं समर्पण भाव से कानून व्यवस्था, श्रावण भादौ माह में महाकाल की सवारी, भीड़ नियंत्रण, सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों में अपना दायित्व पुलिस बल के साथ निभाया। हीरा ने अपनी कार्यकुशलता, अनुशासन और विश्वसनीयता से अलग ही पहचान बनाई थी। 25 सालों तक पुलिस की गरिमा और कानून व्यवस्था में अपना योगदान देने वाला ‘हीरा’ कुछ समय से अस्वस्थ चल रहा था। उसकी बीमारी का उपचार पुलिस विभाग द्वारा कराया जा रहा था, लेकिन सोमवार को हीरा ने पुलिस विभाग का साथ छोड़ दिया। 25 सालों तक पुलिस सेवा में रहे 29 साल के हीरा के नहीं रहने की खबर मिलने पर एसपी प्रदीप शर्मा पुलिस लाइन पहुंचे। दिवंगत अश्व-हीरा की सेवाओं को नमन करते हुए उन्होने गहरा शोक व्यक्त किया और श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि दी। एसपी ने कहा कि हीरा का निधन उज्जैन पुलिस परिवार के लिये अपूरणीय क्षति है। हीरा की  सेवा उज्जैन पुलिस के इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेंगी। हीरा का पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई देकर दफनाया गया।
ढाई माह में पुलिस विभाग को दूसरी क्षति
पुलिस विभाग को अश्वरोही दल के दूसरे अश्व के निधन से ढाई माह में दूसरी क्षति हुई है। इससे पहले नवम्बर 2025 में अश्व नोटिबॉय का निधन होना सामने आया था। नोटिबॉय पुलिस विभाग की शान था। उसने अपने कौशल से राष्ट्रीय और आॅल इंडिया प्रतियोगिताओं में कई मेडल अपने नाम किये थे। उसकी जम्पिंग और फुर्ती उसे हर बार विजेता बनाती थी। 31 साल तक उसने पुलिस विभाग में अपनी सेवा कदम से कदम मिलाकर दी थी।

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