चाकू मारने वाले आरोपी को 10 साल की सजा

उज्जैन। पुरानी रंजीश में चाकू मारने वाले आरोपी को न्यायालय ने 8 साल बाद 10 साल की सजा सुनाई है। उपनिदेशक अभियोजन (डीडीपी) राजेन्द्र कुमार खांडेगर ने बताया कि 14 नवम्बर 2018 को घायल नितेश चंद्रवंशी की शिकायत पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया था। जिसमें नितेश ने बताया था कि वह दोस्त ऋषिराज उर्फ राज देशमुख के साथ दशहरा मैदान के पास से बाइक से गुजर रहा था। उसी दौरान 10-12 लोग खड़े हुए थे, जिनमें नाबालिक और शुभम शामिल था, पुरानी रंजिश को लेकर सभी ने गाली-गलौच की और मारपीट करने लगे। दोस्त ऋषिराज उर्फ राज ने बीच बचाव करने की कोशिश की तो उन चारों ने उसे धक्का देकर साइड में हटा दिया और उस पर चाकू से हमला किया। चाकू मारने वालों में शुभम मरमट और उसके नाबालिग साथी थे। सभी हमला करने के बाद जान से मारने की धमकी देकर भाग निकले थे। दोस्त ऋषिराज ने उसे अस्पताल तक पहुंचाया। पुलिस ने मामले में धारा-307, 341, 323, 294, 506  और धारा-3 (2) (५) अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम का प्रकरण दर्ज किया। आरोपियों की गिरफ्तारी की गई और अभियोग पत्र किशोर न्याय बोर्ड में प्रस्तुत किया। किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष यह पाया गया कि घटना के समय अभियुक्त शुभम उर्फ अंकित मरमट की आयु 18 वर्ष से अधिक रही थी, उसके विरूद्ध इस न्यायालय के समक्ष अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। आवश्यक अनुसंधान उपरान्त चालान माननीय न्यायालय में पेश किया गया। जहां चली सुनाई के बाद विशेष न्यायाधीश (एससी एसटी एक्ट) अरविंद प्रताप सिंह चौहान ने फैसला सुनाते हुये आरोपी शुभम उर्फ अंकित मरमट पिता रंजीत मरमट 25 वर्ष निवासी बागेश्वरी मंदिर रामीनगर को धारा 307 सहपठित धारा 147 भादस में 10 वर्ष सश्रम कारावास, धारा 148 में 2 वर्ष, धारा 341 में 15 दिवस साधारण कारवास सहित 6 हजार 500 रूपये अर्थदंड से दंडित किया। प्रकरण में ईश्वर सिंह केलकर विशेष लोक अभियोजक द्वारा पैरवी की गई।

Share:

संबंधित समाचार

Leave a Comment