खुसूर-फुसूर  समस्या निदान पहले,कागज बाद में चले…

खुसूर-फुसूर

 समस्या निदान पहले,कागज बाद में चले…

जिला प्रशासन के कप्तान की खाद्य शाखा के लिए एकदम से उपजी परेशानी से निपटने में शाखा के मंत्री ने जमकर मशक्कत की । नारी शक्ति ने अपनी क्षमताओं को प्रदर्शित किया तो कप्तान भी दंग रह गए। कप्तान के निर्देशन में जो कहा वो कर धरातल पर कर दिखाया। पेट्रोल पेनिक के पहले दिन से ही मैदान में पूरी तैयारी के साथ खाद्य शाखा की टीम को लेकर प्लाटून कमांडर ने जमकर जलवा दिखाया। भीड को नियंत्रण करने के लिए पंपों पर पालिसी भी खेली गई और अफवाह से निपटने के लिए मिडिया से संपर्क,समन्वय एवं सहयोग भी पर्याप्त रूप से किया। नारी शक्ति ने थ्री सी का भरपूर उपयोग किया। पंप मालिकों के साथ ही डिपो एवं कंपनियों के सेल्स मैनेजर तक से सीधे संवाद किया और सभी प्रकार से शहर के पंपों पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कहा। पंप मालिकों ने समस्या बताई तो वाजिब पर ध्यान दिया और कहा कि तत्काल ही पंप चालू कर वाहन चालकों को ईंधन दें। जमीनी स्तर पर उतरकर अपनी टीम के साथ रात भर काम किया और आपूर्ति होने तक रिजर्व स्टाक से भी काम चलवाया गया। इससे हुआ यह कि समस्या बढ नहीं सकी और पंपों पर पहुंचने वालों को लाईन में लगकर ही सही एक दिन ईंधन लेना पडा । उपलब्धता की स्थिति बनी देख पेट्रोल पेनिक के गुब्बारे से हवा फूस हो गई। जमीनी स्तर पर समस्या निदान के चलते कार्यालयीन कागज काम देर से हुए और समस्या निदान के लिए कप्तान के निर्देशानुसार बनाए गए कंट्रोल रूम की जानकारी सार्वजनिक होने से पहले ही समस्या का निदान हो गया। खुसूर-फुसूर है कि पेट्रोल पेनिक के दो दिनों के दौरान प्रशासनिक कप्तान एवं वर्दी वाले कप्तान की टीमों में बेहतर तालमेल देखने को मिला। प्रशासनिक टीम समस्या निदान के प्रयासों को सार्थक रूप देने में लगी थी तो वर्दी वाले कप्तान की टीम ने भीड नियंत्रण में उद्घोषणा एवं अन्य कामों को अंजाम देकर समस्या को काबू से बाहर नहीं होने दिया। इसका सूखद परिणाम दो दिन में ही समस्या निदान के रूप में सामने आया।

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