इंदौर।देवास में शातिर बदमाशों ने शादी के नाम पर 42 परिवारों को चूना लगा दिया। उन्होंने सामूहिक समारोह में इंदौर के अनाथ आश्रम की युवतियों से शादी कराने की बात कही और हर परिवार से 12 हजार से लेकर 20 हजार रुपए तक वसूल लिए। रविवार को मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों से दूल्हों को देवास बुलाया गया, लेकिन दुल्हनें ही नहीं पहुंचीं।सुबह करीब 8 बजे आयोजनस्थल पर पहुंचे वर पक्ष के परिवारों को आयोजनकर्ताओं में से मुकेश बैरागी और उसकी पत्नी सुनीता मिले। उन्हें इंदौर से दुल्हनों के जल्द आने की बात कही। रात 10 बजे तक संबंधित परिवारों के सामने अलग-अलग बहाने बनाते रहे।इससे नाराज लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मुकेश बैरागी, सुनीता और परेशान परिजन को थाने ले आई।सोशल मीडिया से निकालकर तस्वीरें भेजीं-शिकायतकर्ता राहुल मीणा ने कहा- हम देवास के हरनियाकलां से आए हैं। हमसे रजिस्ट्रेशन के नाम पर ढाई-ढाई हजार रुपए लिए गए थे। कहा गया था कि इंदौर के मातृ छाया आश्रम की युवती से शादी कराई जाएगी। फोटो दिखाने को कहा तो सोशल मीडिया से निकालकर मॉडलों की तस्वीरें मोबाइल पर भेज दी गईं।आयोजनकर्ताओं ने 24 अप्रैल को देवास पहुंचने और 25 अप्रैल को सामूहिक विवाह सम्मेलन होने की जानकारी दी थी। कहा था कि दहेज का सामान भी दिया जाएगा। जब यहां पहुंचे तो कोई नहीं मिला। फोन भी बंद आ रहा है।
वहीं, एक और दूल्हे अशोक ने बताया कि शादी के नाम पर उनसे 12 हजार रुपए लिए गए थे। कहा गया था कि सादे कपड़ों में आना है। दूल्हे की ड्रेस समेत सभी प्रक्रिया यहीं की जाएंगी। हल्दी और मेहंदी लगाने के लिए भी मना किया गया था।