शकर , ड्राई फुट्स महंगे , मिठाई के दाम में तडका लगा घेवर ,फैनी, मिठाई भी महंगी ही मिलेगी…! -घरों में बनने वाली मिठाई का खर्च भी दो गुना के करीब पहुंचा

उज्जैन। शकर के दाम 40 फीसदी के लगभग उछाल के साथ बढे हैं। इसके साथ ही ड्राई फ्रुट्स में पहले ही दाम उंचे चल रहे हैं। ऐसे में इस बार की राखी की विशेष मिठाई घेवर,फैनी भी बहनों को उंचे दाम पर ही खरीदनी पडेगी। दाम का असर इस कदर बडा है कि घरों में बनने वाली मिठाई का खर्च दो गुना के करीब पहुंच रहा है। बाजार में मिठाई की दुकानों पर धीरे-धीरे फेहरिस्त में बदलाव होने लगा है। अभी तक मिठाई विक्रेता संघ की और से इसे लेकर कोई अधिकृत घोषणा नहीं की है।त्योहार के दौर में शकर सहित दाल और ड्राय फ्रुटस के दामों में उछाल की स्थिति रही है। बेसन के लड्डू ही महंगे हो गए हैं। चना दाल बाजार में प्रति किलो15-20 रूपए महंगी हुई है तो बेसन भी महंगा हुआ है। ड्राई फ्रुटस पर भी प्रति किलो 300-400 रूपए की वृद्धि पिछले 6 माह में दर्ज की गई है। इसके चलते घरों में बनने वाले व्यंजनों पर भी महंगाई का असर हुआ है। शकर 70 रूपए प्रति किलो पर चल रही है।त्यौहारी खरीदी पर सीधा असर-पिछले साल तक रक्षाबंधन पर जिस बजट में घर में मिठाई बन जाती थी और त्योहार की खरीदारी हो जाती थी, इस बार उसी बजट में सामान कम पड़ रहा है। शक्कर, ड्राई फ्रूट्स, लाल मिर्च, तेल, चाय और चावल समेत कई जरुरी खाद्य सामग्री के दाम पिछले साल की तुलना में बढ़ गए हैं।इसका सीधा असर त्योहार मनाने के खर्च पर पड़ रहा है। पिछले रक्षाबंधन के मुकाबले इस बार लाल मिर्च 300 से बढ़कर 450 रुपए किलो तक पहुंच गई है। ड्राई फ्रूट्स में कुछ महीनों में ही 300 से 400 रुपए तक की तेजी आई है। ऐसे में राखी पर बहन के लिए मिठाई, घर में बनने वाले पकवान और भाई के साथ उसके परिवार की मेजबानी का खर्च पिछले साल के मुकाबले दो गूना के करीब बैठ रहा है।लड्डू में ही दोगूना के करीब हुआ खर्च-मावा की मिठाई को लेकर अब लोगों ने दूरी बना ली है। ऐसे में सबसे ज्यादा पसंद बेसन के ड्राय फ्रुट्स लड्डू ही होते हैं। लक्ष्मी बाई मेहरा बताती हैं कि पिछले वर्ष एक किलो बेसन के लड्डू जितनी राशि में हम बनाते थे उससे दुगनी राशि कि सामग्री इस बार लाना पडी है। इलायची ही जमकर महंगी हो गई है। काजू,बादाम भी महंगे हो गए हैं। दाल का बेसन महंगा हुआ है। इस बार त्यौहार का बजट दुगना करना पडा है।रसोई की सामग्री महंगी,डेढ गूना से अधिक हुआ बजट-सखी ग्रुप की महिलाओं का कहना है कि त्यौहार आते ही खाद्य वस्तुओं के दाम उछाल पर आ जाते हैं। इस बार भी कुछ ऐसा ही हो रहा है। हम दो हमारे दो के परिवार में ही सामान्य रसोई का खर्च अब 5 हजार से बढकर 8 हजार मासिक पहुंच चुका है। दाल,तेल सहित सभी सामग्री महंगे हो गए हैं। इसके साथ ही पैकिंग में मात्रा भी घट गई है। पिछले साल जहां परिवार सीमित बजट में राखी की खरीदारी, मिठाई और पकवान की तैयारी कर लेता था, इस बार उसी तरह की तैयारी के लिए अतिरिक्त रकम जुटानी पड़ रही है। ऐसे में महंगाई का असर सिर्फ रोजमर्रा की रसोई पर नहीं, बल्कि त्योहार मनाने के तरीके और बजट पर भी दिखाई देने लगा है।ड्राय फ्रुट्स,शकर के दामों का असर मिठाई पर-त्योहारों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली शक्कर के दाम में अचानक तेजी आई है। मिठाई बनाने की लागत बढ़ने से मिठाइयों के दाम भी बढना तय है। यानी राखी की मिठाई भी पिछले साल के मुकाबले जेब पर ज्यादा भारी पड़ सकती है। मिठाई से पूर्व ही बाजार में चाय की दुकानों पर शकर महंगी होने का असर हो गया है। कट चाय ही अब 10 रूपए दर पर पहुंच चुकी है।

 

 

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