वेंडिंग जोन कहां बनेगा और पथ विक्रेताओं को कौन सी जगह दी जाएगी, यह होगा अब  तय

गुमटियों और दुकानों को चलाने के लिए यह कमेटी ही जगह निर्धारित करती है

उ ज्जैन।    उ ज्जैन सहित   प्रदेश के शहरों में वेंडिंग जोन कहां बनेगा और पथ विक्रेताओं को कौन सी जगह दी जाएगी, यह तय करने के लिए टाउन वेंडिंग कमेटी का गठन होगा। इसके लिए नगरीय प्रशासन संचालनालय के अपर आयुक्त शिशिर गेमावत ने प्रदेश के सभी नगर निगम आयुक्तों और नगर पालिका एवं नगर परिषदों के सीएमओ को पत्र लिखकर कहा है कि नियम के अनुसार चुनाव संबंधी प्रक्रिया कराई जाए।

इसे लेकर इससे पहले भी दो बार सभी नगरीय निकायों को पत्र लिखे जा चुके हैं लेकिन निकायों में टीवीसी मेंबर का चुनाव के बजाय मनोनयन किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार मुंबई, दिल्ली, कोलकाता जैसे महानगरों में पहले से ही टाउन वेंडिंग कमेटी गठित है। वहां भी गुमटियों और दुकानों को चलाने के लिए यह कमेटी ही जगह निर्धारित करती है। अब प्रदेश के हर नगर निगम, परिषद, पालिका स्तर पर टाउन वेंडिंग कमेटी के गठन का फैसला लिया गया है।
टाउन वेंडिंग कमेटी को नगर विक्रय समिति कहते हैं, जो नगरीय निकायों में स्ट्रीट वेंडर्स के अधिकारों की रक्षा और उनके काम को व्यवस्थित करने के लिए गठित की जाती है। टीवीसी किसी भी नगरीय निकाय के लिए वेंडिंग जोन तय करने के साथ सभी स्ट्रीट वेंडर्स के लिए वेंडिंग सर्टिफिकेट भी जारी करती है। टीवीसी का जिम्मा शहर में वो जगहें तय करना है जहां ठेले, रेहड़ी वाले अपना सामान बेच सकते हैं। इसके साथ ही टीवीसी के पास ही स्ट्रीट वेंडरों को आधिकारिक सर्टिफिकेट जारी करने के अलावा उनकी समस्याओं का समाधान भी यही कमेटी करती है। नियम के अनुसार हर नगरीय निकाय में एक जोन में एक टीवीसी मेंबर का चुनाव पार्षद की तर्ज पर होना चाहिए। टीवीसी में संबंधित निकाय का कमिश्नर या सीएमओ पदेन अध्यक्ष होता है।  जानकारी के अनुसार, सडक़ किनारे हाट बाजार, ठेले, पटरी, फुटपाथ पर सामान बेचकर आजीविका चलाने वाले पथ विक्रेताओं के लिए केंद्र सरकार ने 2014 में स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट लागू किया। इस एक्ट के तहत सभी राच्यों को नियम बनाकर लागू करना था। एमपी में 24 अप्रैल 2017 को नियम बनाकर पथ विक्रेता अधिनियम को लागू कर दिया गया। इस एक्ट के नियमानुसार राज्य के सभी नगरीय निकायों में टीवीसी का गठन चुनाव के जरिए कराने का प्रावधान है। इन चुनाव में सदस्य बनने के लिए वही उम्मीदवार खड़ा हो सकता है ता है जो खुद एक स्ट्रीट वेंडर के रूप में नगर निगम में दर्ज हो। इसके बाद भी राज्य सरकार के एक भी निकाय में इसका पालन नहीं हुआ। हैरानी की बात यह है कि बिना टाउन वेंडिंग कमेटी के ही शहरों में गुमटियों का जाल बिछाया जा रहा है।

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