उज्जैन।उज्जैन शहर में शराबबंदी के बाद अब मांस-मटन और मछली की दुकानों को नगर सीमा से बाहर करने का मुद्दा फिर गरमा गया है। महापौर द्वारा दावा किए जाने के बावजूद एमआईसी बैठक में प्रस्ताव पेश नहीं हो सका, जिस पर हिंदूवादी संगठनों ने नाराजगी जताई है। संगठनों ने जनप्रतिनिधियों की निर्णय क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि महापौर शहर से मटन दुकानों को हटाने में सफल होते हैं तो उनका दूध से स्नान कराया जाएगा।धार्मिक नगरी उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही शराब की दुकानों को नगर निगम सीमा से बाहर करवा चुके हैं। इसके बाद से शहर से मांस-मटन और मछली की दुकानों को हटाने की मांग लगातार उठती रही है। हाल ही में उज्जैन महापौर मुकेश टटवाल ने घोषणा की थी कि इस संबंध में एमआईसी बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा। माना जा रहा था कि प्रस्ताव पारित होने के बाद दुकानों को नगर सीमा से बाहर करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
मटन दुकानों को लेकर हिंदू जागरण मंच ने कहा-दुकानें बाहर हुईं तो महापौर का दूध से स्नान कराएंगे,पहले भी किए थे दावे