बेटी हुई तो ससुराल वाले दहेज में मांगने लगे 5 लाख, पुत्र के बीच विवाद

उज्जैन। नीलगंगा थाना पुलिस ने खरगोन के श्रीनाथ कालोनी में रहने वाले मेडिकल व्यवसाई गौरव पिता बलदेवसिंह सेंगर, रजनी पति बलदेव सेंगर, बलदेव सेंगर और श्वेता सेंगर के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का प्रकरण दर्ज किया है। एएसआई उद्यमसिंह राठौर ने बताया कि परवाना नगर में रहने वाली रघुवंशी परिवार की महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि उसका विवाह रीति रिवाज से 8 दिसंगर 2020 को गौरव से हुआ था। पिता ने गृहस्थी का सामान, 1 लाख नगद, सोने के आभूषण दिये थे। सालभर बाद गर्भवती हुई तो मायके भेज दिया। पुत्री को जन्म दिया तो देखने तक नहीं आये और पुत्र नहीं होने पर 5 लाख की मांग करने लगे। पति, सास-ससुर और ननद द्वारा उसे फोन पर प्रताड़ित किया जाने लगे। पिता ने मांग पूरी करने की बात कहीं, पति उसे ससुराल ले गया, लेकिन पिता ससुराल वालों की डिमांड पूरी नहीं कर पाये तो उन्होने घर से निकाल दिया। वह सालभर से मायके में रह रही है। मामला नवविवाहता से जुड़ा होने पर दहेज प्रताड़ना का प्रकरण दर्ज कर जांच में लिया गया है।  आगररोड स्थित ग्राम चककमेड़ में रहने वाले प्रभुलाल पिता कन्हैयालाल को गुरूवार शाम परिजन चरक अस्पताल लेकर पहुंचे। प्रभुलाल ने जहरीला पदार्थ खाया था। डॉक्टरों ने हालत देख उपचार के लिये भर्ती किया। परिजनों ने बताया कि प्रभुलाल और उसके पुत्र के बीच विवाद हो गया था, पुत्र ने पिता को अपशब्द कहे और हाथपाई करने लगा। जिसके बाद प्रभुलाल ने घर में रखा कीटनाशक खा लिया। ड्युटी कम्पाउंडर द्वारा मामले की सूचना पुलिस को दी गई है।

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