उज्जैन। कृषि उत्पाद और कीटनाशक उपलब्ध कराने के साथ निवेश के नाम पर हर माह मुनाफे का झांसा देकर किसानों से 70 लाख की धोखाधड़ी करने वाले दंपति को 7 साल बाद ईओडब्ल्यू की टीम ने गिरफ्तार किया है। दोनों ने अपने गिरोह के साथ अन्य जिलों में करीब 15 करोड़ की ठगी को अंजाम दिया था।
ईओडब्ल्यू एसआई सचिन्द्रपालसिंह सेंधव ने बताया कि वर्ष 2019 में महेश पटेल, जितेन्द्र पाटीदार, राकेश प्रजापत, सतीश परमार, महेश सारा और शांतिलाल परमार के बयान दर्ज कर ग्रीन लीफ सॉइल फर्टिलाइजर एनहांसर प्रायवेट लिमिटेड के प्रेमनारायण दांगी, अंकिता पति प्रेमनारायण दांगी, सुधीर मिश्रा, जयचंद्र झा, ओमप्रकाश सोनी, सुनील शेरा, तरूण सूर्यवंशी और लालसिंह गुणवान के खिलाफ किसानों को कृषि उत्पाद और कीटनाशक उपलब्ध कराने के साथ कंपनी में निवेश करने पर प्रतिमाह मुनाफा देने का झांसा देकर 70 लाख से अधिक की धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया था। सात सालों से मामले में आरोपियों की तलाश जारी थी। तकनीकी साक्ष्यों से प्रेमनारायण दांगी और उसकी पत्नी अंकिता की जानकारी सामने आने पर एक टीम उदयपुर और दूसरी इंदौर रवाना की गई। उदयपुर से प्रेमनारायण और इंदौर से अंकिता को गिरफ्तार कर मंगलवार को उज्जैन लाया गया। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से जेल भेजा गया है। उनके साथ कंपनी में काम करने वाले अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। एसआई सेंधव के अनुसार मुख्य आरोपी प्रेमनारायण दांगी है, 3 साल पहले उसके साथ दुर्घटना हुई थी, जिसके चलते वह लकवाग्रस्त हो चुका है।
15 करोड़ से अधिक की कर चुके थे ठगी
बताया जा रहा है कि उज्जैन जिले के साथ मंदसौर, नीमच, आगर, देवास, धार सहित शातिर आरोपियों ने राजस्थान, गुजरात, छत्तीसगढ़ और उत्तरप्रदेश में भी अलग-अलग नाम से कंपनियां खोलकर 15 करोड़ से अधिक की ठगी को अंजाम दिया है। उज्जैन ईओडब्ल्यू ने कंपनी के संचालकों और प्रमोटरों के खिलाफ धारा 409, 420, 120 बी, में प्रकरण दर्ज किया था। उज्जैन जिले में किसानों से निवेश कराने के लिये चैन सिस्टम बनाया था, कुछ को मुनाफा भी दिया और चेन लम्बी होने के बाद निवेश की राशि लेकर फरार हो गये थे।
निवेश के नाम पर किसानों को मुनाफे का देते थे झांसा 7 साल बाद गिरफ्त में आये 70 लाख ठगने वाले दंपति