जो जानबूझकर पीएनजी कनेक्शन नहीं लेंगे  उनकी  बाधित हो सकती है  एलपीजी सप्लाई

उज्जैन।  सरकार ने एलपीजी संकट से निपटने और पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। जिन इलाकों में पीएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो गया है, वहां पीएनजी कनेक्शन लेना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार ने तय किया है कि कंपनियों को निश्चित अवधि में कनेक्शन उपलब्ध कराना होगा।

जो जानबूझ कर पीएनजी कनेक्शन नहीं लेंगे, उनकी एलपीजी सप्लाई बाधित हो सकती है। सरकार ने साफ किया है कि जो उपभोक्ता कनेक्शन नहीं लेते उन्हें जून माह के बाद गैस सिलेंडर नहीं दिया जाएगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने उपभोक्ताओं से कहा है कि जिनके घर के आसपास से पीएनजी पाइप लाइन जा रही है वे पीएनजी कनेक्शन जरूर लें। यह सस्ती और ज्यादा सुरक्षित है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि वर्तमान मिडिल ईस्ट संघर्ष से उत्पन्न परिस्थितियों से निपटने के लिए भारत सरकार द्वारा पीएनजी नेटवर्क का तेजी से विस्तार कर, ऐसे स्थानों पर जहां पर सीजीडी संस्था की पाइप लाइन मौजूद है, घरेलू, व्यावयिक एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं को एलपीजी से पीएनजी पर शिफ्ट किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। इस संबंध में जिला स्तर पर जिला प्रशासन, खाद्य विभाग, नगरीय निकाय, ऑयल कंपनी एवं सीजीडी संस्थाओं के अधिकारियों द्वारा सतत रूप से कैम्पों का आयोजन कर पीएनजी के लाभ एवं पीएनजी कनेक्शन प्राप्त करने की प्रक्रिया से आम जनता को अवगत कराया जा रहा है।

पीएनजी सबसे स्वच्छ और सुरक्षित ईंधन

पीएनजी का मतलब पाइप्ड नेचुरल गैस है। यह मुख्य रूप से मीथेन से बनी एक प्राकृतिक गैस है, जो पाइपलाइन के माध्यम से सीधे घरों और उद्योगों तक पहुंचाई जाती है। यह सिलेंडर (एलपीजी) का एक सुरक्षित, सुविधाजनक और स्वच्छ विकल्प है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से कुकिंग के लिए किया जाता है। मीथेन में कार्बन और हाइड्रोजन का अनुपात सबसे कम है, जो पीएनजी को सबसे स्वच्छ ईधनों में से एक बनाता है। भारत में पीएनजी के घरेलू भंडार बहुत अधिक हैं, इसलिए एलपीजी की तुलना में पीएनजी का उत्पादन और आपूर्ति भू-राजनीतिक उथल-पुथल से कम प्रभावित होती है। एलपीजी प्राप्त करने के लिये उपभोक्ताओं की ऑयल कंपनी में बार-बार सिलेंडर बुक कराना पड़ता है, जबकि पीएनजी में कुकिंग गैस 24 37 सुलभ रूप से उपलब्ध होती है। एलपीजी की अपेक्षाकृत पीएनजी कम दर पर उपलब्ध है। पीएनजी के उपभोक्ता को उसके द्वारा वास्तविक उपयोग की गई, मात्रा का ही भुगतान करना होता है, जबकि एलपीजी के संबंध में पूरा सिलेंडर बुक करके प्राप्त किया जाता है। पीएनजी पर पकाए गए भोजन का पोषण मूल्य बेहतर होता है, क्योंकि एलपीजी की तुलना में पीएनजी से निकलने वाली गर्मी की तीव्रता कम होती है। मौजूदा एलपीजी स्टोव को बहुत कम खर्च पर पीएनजी के उपयोग के लिए बदला जा सकता है।

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