उज्जैन।उज्जैन पुलिस कंट्रोल रूम में 13 जनवरी 2026 को आयोजित जनसुनवाई में संवेदनशीलता का एक अनूठा उदाहरण सामने आया। यहां एक वृद्ध महिला को न केवल उसकी बकाया मजदूरी दिलाई गई, बल्कि उसके इलाज का भी प्रबंध किया गया।जनसुनवाई के दौरान लगभग 65 वर्षीय धातु बाई पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के समक्ष पहुंचीं। उन्होंने नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) जीवाजीगंज पुष्पा प्रजापति को अपनी समस्या बताई। महिला ने बताया कि वह आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से जूझ रही थी।धातु बाई केसरबाग, पंवासा क्षेत्र में एक केटरिंग ठेकेदार के यहां रसोई में काम करती थीं। उन्होंने बताया कि लगभग एक वर्ष पहले उन्हें बिना किसी ठोस कारण के काम से निकाल दिया गया था और उनकी 7 हजार 500 रुपए की बकाया मजदूरी भी नहीं दी गई थी। इस कारण वह अपना इलाज भी नहीं करवा पा रही थीं।सीएसपी पुष्पा प्रजापति ने शिकायत को गंभीरता से लिया। महिला के पास आवेदन नहीं था, केवल एक कागज पर ठेकेदार का मोबाइल नंबर लिखा था। पुलिस ने उसी नंबर पर ठेकेदार से संपर्क किया।लगातार समझाइश और चेतावनी के बाद भोला नामक संबंधित ठेकेदार जनसुनवाई स्थल पर पहुंचा। पूछताछ में उसने महिला की बकाया राशि न देने की बात स्वीकार की। पुलिस की सख्ती के बाद ठेकेदार ने मौके पर ही महिला से माफी मांगी और पूरी मजदूरी राशि लौटा दी।जनसुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि वृद्ध महिला पानी भरते समय गिर गई थीं, जिससे उनके हाथ में गंभीर दर्द था। पैसे के अभाव में वह अस्पताल नहीं जा सकी थीं। इस पर सीएसपी पुष्पा प्रजापति ने मानवीय पहल करते हुए महिला को शासकीय वाहन से चरक अस्पताल भिजवाया।चरक अस्पताल में डॉ. पंकज और मेडिकल स्टाफ से संपर्क कर महिला का एक्स-रे कराया गया, पट्टी की गई और आवश्यक दवाइयां दिलाई गईं।
वृद्ध महिला को बकाया मजदूरी:इलाज कराकर घर पहुंचाया, मानवीयता की मिसाल