भांग के नशे में बिगड़ी तबीयत चौराहे पर गिरा साला, जीजा लगाता रहा मदद की गुहार महाकाल दर्शन के बाद भांग बनी मुसीबत सोमवार दोपहर चामुंडा माता चौराहे पर घटित हुई घटना देवास गेट से लौटते समय बिगड़ी हालत, फुटपाथ पर गिरा युवक राहगीरों व ई-रिक्शा चालकों ने नहीं दिखाई तत्परता, 108 एम्बुलेंस से पहुंचा अस्पताल

उज्जैन। महाकाल दर्शन के बाद भांग का अधिक सेवन दो श्रद्धालुओं पर भारी पड़ गया। सोमवार दोपहर चामुंडा माता चौराहे पर एक युवक नशे के कारण बेसुध होकर गिर पड़ा, जबकि उसका जीजा काफी देर तक लोगों से मदद की गुहार लगाता रहा। हैरानी की बात यह रही कि मौके से गुजर रहे कई लोग और ई-रिक्शा चालक अस्पताल पहुंचाने के लिए आगे नहीं आए। अंततः डायल-108 एम्बुलेंस की मदद से दोनों को चरक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
मिली जानकारी के अनुसार सीहोर जिले के समीप ग्राम रायपुर निवासी अरुण अपने साले लोकेश के साथ किसी काम से उज्जैन के पास ग्राम खरसोद खुर्द आए थे। काम निपटाने के बाद दोनों उज्जैन पहुंचे और महाकाल मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने भांग का सेवन कर लिया।
दर्शन के बाद जब दोनों देवास गेट क्षेत्र पहुंचे तो भांग का असर बढ़ने लगा। इस दौरान लोकेश की हालत ज्यादा बिगड़ गई और वह चामुंडा माता चौराहे के पास फुटपाथ पर अचेत होकर गिर पड़ा।
मदद के लिए भटकता रहा जीजा
साले की हालत बिगड़ते देख अरुण घबरा गया और आसपास मौजूद लोगों से मदद मांगने लगा। उसने कई ई-रिक्शा और रिक्शा चालकों को रोककर अस्पताल पहुंचाने का अनुरोध किया, लेकिन किसी ने भी जिम्मेदारी लेने की हिम्मत नहीं दिखाई। काफी देर तक युवक फुटपाथ पर पड़ा रहा।
बाद में कुछ लोगों ने डायल-108 एम्बुलेंस को सूचना दी। एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और दोनों को चरक अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।
भांग के कारण पहले भी बिगड़ चुकी है श्रद्धालुओं की तबीयत
उज्जैन में बड़ी संख्या में बाहर से श्रद्धालु महाकाल दर्शन के लिए पहुंचते हैं। कई श्रद्धालु उत्साह में भांग का सेवन कर लेते हैं, जिससे कई बार उनकी तबीयत बिगड़ जाती है। पिछले दिनों एक विदेशी श्रद्धालु को भी अधिक मात्रा में भांग लेने के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
‘गुड सेमेरिटन’ योजना का असर नहीं
मध्य प्रदेश सरकार ने सड़क या सार्वजनिक स्थान पर घायल या गंभीर अवस्था में मिले व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिकों को प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था लागू की है। इसके बावजूद कई मामलों में लोग मदद करने से कतराते हैं। चामुंडा माता चौराहे की यह घटना भी इसी प्रवृत्ति को दर्शाती है, जहां बेसुध पड़े युवक को अस्पताल पहुंचाने में स्थानीय लोग आगे नहीं आए।
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