उपभोक्ता फोरम ने ठोका 11 लाख का हर्जाना: गलत इलाज से हुई थी युवक की मौत

खरगोन।खरगोन जिला उपभोक्ता प्रतितोषण फोरम, मंडलेश्वर ने एक अहम फैसले में दोषपूर्ण चिकित्सा सेवा को मौत का कारण मानते हुए पीड़ित किसान को करीब 11 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह मामला 3 दिसंबर 2014 का है, जब कसरावद तहसील के नादला गांव निवासी जितेंद्र सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।बिना जांच चढ़ाई गई बोतल-परिवार के अनुसार, जितेंद्र को हाथ-पैर में तेज दर्द था। परिजन उसे पास के सिनगुन गांव स्थित गुप्ता क्लीनिक ले गए। वहां क्लीनिक संचालक निर्मल गुप्ता ने 600 रुपये लेकर बिना जरूरी जांच के एनएस की बोतल चढ़ा दी। बताया गया कि बोतल में पालीबियोन, एसीलार और डेक्सोना नाम के तीन इंजेक्शन भी मिलाए गए थे।बोतल चढ़ने के तुरंत बाद जितेंद्र को घबराहट और बेचैनी होने लगी। जब उन्होंने बोतल हटाने को कहा तो कथित रूप से कंपाउंडर ने कहा कि “डॉक्टर मैं हूं।” कुछ ही देर में जितेंद्र की मौत हो गई। इसके बाद पिता निहाल सिंह ने गलत इलाज का आरोप लगाते हुए उपभोक्ता फोरम में मामला दायर किया।
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