नियमों का पालन करें अन्यथा वाहन  लायसेंस नवीनीकरण  होने में आ जाएगी परेशानीलाल बत्ती झेबरा क्रासिंग का नियम तोडना पडेगा महंगा-वाहन चालान की हिस्ट्री से लायसेंस नवीनीकरण में बन सकती है बाधा

 

उज्जैन। अगर आप वाहन चालन करते समय बराबर लाल बत्ती एवं झेबरा क्रासिंग सहित परिवहन के नियमों की अनदेखी कर रहे हैं जान बुझकर नियमों को तोड रहे हैं तो सतर्क हो जाएं। लायसेंस नवीनीकरण के समय आपको परेशानियों का सामना करना पड सकता है। उस दौरान आपके वाहन चालन का रेकार्ड सामने आने पर आपको शोकाज नोटिस मिल सकता है उसका जवाब देना पड सकता है। संबंधित अथारिटी लायसेंस निलंबित एवं निरस्त भी कर सकती है।

यातायात नियमों का पालन करना आपकी और दूसरे ड्राइवर की जान बचा सकता है। दूसरी ओर, यातायात नियमों का पालन नहीं करना न केवल आपकी व अन्य किसी की जान जोखिम में डालेगा, बल्कि अब आपका ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण नहीं होने देगा। केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की नई गाइडलाइन में यह प्रावधान किया गया है।

लायसेंस के लिए ये है नए प्रावधानों में-

नए नियमों के अनुसार व्हीकल ऑनर्स की चालान हिस्ट्री रिपोर्ट के आधार पर ही ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू होगा। तीन बार से ज्यादा दंडात्मक कार्रवाई की स्थिति में रिन्यू लायसेंस नहीं मिलेगा। वाहनों की बीमा में भी इसी प्रकार की सख्ती दिखाई गई है। अब बगैर थर्ड पार्टी बीमा के कोई भी गाड़ी नहीं चला सकेंगे। केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने नई गाइडलाइन भेजी है। इसके तहत 15 साल पुरानी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नवीनीकरण एवं ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण करते वक्त व्हीकल ऑनर्स की चालान हिस्ट्री रिपोर्ट देखी जाएगी। प्रदेश में भी इसका पालन किया जा रहा है। केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की नई गाइडलाइन के अनुसार ड्राइविंग लाइसेंस अब हर हाल में व्हीकल ऑनर्स की चालान हिस्ट्री रिपोर्ट के आधार पर ही बनाया जाएगा। इसमें सख्त प्रावधान है कि यदि तीन बार से ज्यादा दंडात्मक कार्रवाई दर्ज पाई गई तो लायसेंस रिन्यु नहीं होगा।

थर्ड पार्टी बीमा के बगैर नहीं चला सकेंगे वाहन-

इसी प्रकार सडक़ पर अब बगैर थर्ड पार्टी बीमा कोई भी गाड़ी संचालित नहीं की जा सकेगी। दो पहिया एवं चार पहिया गाडियों को शोरुम से खरीदने के 3 साल बाद व्हीकल ऑनर्स को थर्ड पार्टी बीमा करवाना अनिवार्य है। दुर्घटना की स्थिति में थर्ड पार्टी बीमा ही घायल या मृतक को अदालत द्वारा निर्धारित मुआवजा दिलाने में सहायक साबित होता है।

61 प्रमुख संशोधन-

सडक सुरक्षा और बेहतर निगरानी के उद्देश्य से विभाग ने 61 प्रमुख संशोधनों की तैयारी की है।

प्रस्तावित बदलावों के अनुसार, अब बिना बीमा वाले वाहनों को जब्त करने का अधिकार परिवहन उडऩ दस्ते को मिलेगा। नियम उल्लंघन और जुर्माना लंबित होने की स्थिति में आरसी को निलंबित किया जा सकेगा। वाहन खरीद की तारीख से ही पंजीकरण की वैधता मानी जाएगी।

-पूर्व से ही गाईड लाईन आ चुकी है। इस पर काम चल रहा है।इसमें अधिकारी ने अगर 3 बार चालान किया है और दंडात्मक स्थिति रही है तो ऐसे वाहन चालकों को परिवहन एक्ट के सेक्शन 19,20 में शोकाज नोटिस का जवाब लेकर ही लायसेंस नवीनीकरण किया जाता है। लायसेंस निलंबित एवं निरस्त के अधिकार संबंधित अथारिटी को हैं।

-संतोष मालवीय,क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी,उज्जैन

 

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