सुसनेर। जनवरी माह की शुरूआत साल के पहले घने कोहरे के साथ हुई। शुक्रवार को नगर और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। हालांकि 1 जनवरी को मौसम पूरी तरह साफ रहा, लेकिन 2 जनवरी शुक्रवार को तड़के से ही घना कोहरा छा गया, जिससे ठंड में इजाफा हो गया। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रही और सड़कें, बाजार व सार्वजनिक स्थान कोहरे की चादर में लिपटे नजर आए।
सुबह से लेकर दोपहर करीब 1 बजे तक कोहरा लगातार बना रहा। इसके बाद मौसम कुछ हद तक खुला, लेकिन आसमान में बादल छाए रहने के कारण धूप नहीं निकल सकी। दिनभर धूप के अभाव में ठंड का असर बना रहा, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। शाम करीब 4 बजे के बाद एक बार फिर से कोहरा छाने लगा, जिससे ठंड और बढ़ गई।
ठंड और कोहरे के चलते लोग दिनभर अपने घरों में ही कैद रहे। जरूरी काम होने पर ही लोग घरों से बाहर निकले और आवश्यक सामान खरीदकर दोबारा घर लौट गए। बाजारों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। सामान्य दिनों में जहां चहल-पहल दिखाई देती है, वहां दुकानें खुली तो रहीं, लेकिन ग्राहकों की संख्या काफी कम रही।
कोहरे के कारण वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह के समय कम दृश्यता के चलते लोग सावधानी से वाहन चलाते नजर आए। ग्रामीण क्षेत्रों से नगर की ओर आने-जाने वाले लोगों की आवाजाही भी सीमित रही। स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों पर ठंड का विशेष असर देखने को मिला।
ठंड से बचाव के लिए लोग अलाव का सहारा लेते नजर आए। कई स्थानों पर लोग अपने घरों के सामने या दुकानों के पास अलाव जलाकर हाथ सेंकते दिखे। हालांकि नगर परिषद की ओर से सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने के लिए लकड़ियां नहीं डलवाए जाने से चौक-चौराहों और बाजार क्षेत्रों में अलाव नहीं जल सके। इससे राहगीरों और जरूरतमंद लोगों को परेशानी हुई।
वहीं कुछ व्यापारियों ने स्वयं अपनी दुकानों के सामने अलाव जलाकर ठंड से राहत ली। नागरिकों ने मांग की है कि नगर परिषद ठंड को देखते हुए सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था करे, ताकि आमजन, बुजुर्गों और जरूरतमंदों को राहत मिल सके। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड और कोहरे का असर बने रहने की संभावना है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
ठंड और कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें, लोग घरों में रहे कैद