उज्जैन। अब पूरे प्रदेश के साथ ही उज्जैन में भी मोहल्लों और कॉलोनियों की सडक़ों तथा नालियों का निर्माण जनसहभागिता मॉडल पर किया जाएगा। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत ऐसे कार्यों में आधी राशि राज्य सरकार वहन करेगी, जबकि शेष 50 प्रतिशत राशि स्थानीय नागरिकों के सहयोग से जुटाई जाएगी।
यह राशि एकत्र करने की जिम्मेदारी संबंधित नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद की होगी। इसके अलावा भूखंडों पर हरियाली ज्यादा होने पर सरकार भवन या भूखंड मालिक को अतिरिक्त निर्माण के लिए ग्रीन एफएआर मंजूरी भी दी जाएगी। विधानसभा में नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा पर वक्तव्य देते समय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रदेश में सीएम जनभागीदारी योजना लाने की घोषणा की।
इस पर विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने पूछा कि पूर्व में 75 प्रतिशत तक जनभागीदारी होती थी, तो नई योजना में कितना प्रतिशत तय किया गया है। इस पर मंत्री ने कहा कि सरकार ने नई योजना तैयार की है और इसमें लचीलापन रखा जाएगा। मंत्री ने कहा कि पूर्व व्यवस्था में गरीब बस्तियों से 25 प्रतिशत, निम्न एवं मध्यम वर्ग से 50 प्रतिशत और उच्च वर्ग से 25 प्रतिशत अंशदान लिया जाता था। उन्होंने कहा कि हम सभी जनप्रतिनिधियों से राय लेंगे। नगर पालिका अध्यक्ष और महापौर से पूछा जाएगा कि वे किस प्रकार की प्लानिंग जनभागीदारी से करना चाहते हैं। हम कोई योजना थोपेंगे नहीं।
सभी प्रमुख शहरों के मास्टर प्लान चरणबद्ध तरीके से तैयार किए जा रहे हैं और जहां आवश्यक है वहां संशोधन की प्रक्रिया भी चल रही है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि मास्टर प्लान केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेंगे। इनके आधार पर सडक़, पेयजल, सीवरेज और यातायात व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।