खुसूर-फुसूर कमाल किसका…! वैद्य जी या वर्दी केंद्र का

खुसूर-फुसूर

कमाल किसका…! वैद्य जी या वर्दी केंद्र का

संभाग का एक जिला जिसे महापंडित रावण के ससुराल के नाम से भी जाना जाता है की वर्दी में वहां के कप्तान दाग ढूंढ रहे हैं। इसमें उन्होंने कईयों को लाईन पहुंचा दिया है और कुछ को जिसे निलंबन कहा जाता है उसे वह दे दिया है वैसे निलंबन सजा में नहीं देखी जाती है। हाल ही में इस जिले के मुख्यालय में एक वाकिये ने चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। शहर के मध्य के वर्दी केंद्र से जुडे इस मामले की चटखारे वाली चर्चा चल रही है। कुछ दिनों पूर्व सख्ती का असर बताने के लिए जरायमपेशाओं को यहां अभिनय का पात्र बनाया गया। उन्हें लंगडा कर चलने के लिए कहा गया जिससे की आमजन को देखने पर लगे की उनकी अच्छी खासी सेवा पूजा अंदर की गई है और अब वे सुधर जाएंगे। जरायम पेशाओं ने भी ऐसा अभिनय किया कि लोगों ने दांतों तले अंगुली दबा ली।

उन्हें जिला रूग्णालय ले जाने के दौरान सब गडबड हो गया। वर्दी यहां के वैद्यजी को बताना भूल गई जिससे उन्होंने मरीजों को ऐसी दवा दे दी जैसे पुरातन काल में युद्घ में सैनिक लडते थे और उन्हें लगे तलवार के घाव मात्र कुछ दिनों एवं घंटों में भर जाते थे,ऐसी ही दवा इन जरायम पेशाओं को दे दी गई। अब हुआ ये कि  लंगडाते हुए रूग्णालय में जाने वाले मरीज 10 मिनट बाद दौड़ता हुआ बाहर निकलते पीछे के रास्ते से देखा गया। आमजन भौचक। आंखे मसलते हुए देखने लगे की जो ठीक से चल नहीं पा रहे थे वे दौडते हुए क्रिकेटर के नाम वाले दोनों युवा वाहन में चढ रहे हैं। इसे लेकर एक चलचित्र भी सामने आया था। उसके बाद से ही खुसूर-फुसूर है कि महापंडित के ससुराल का जिला रूग्णालय में वैद्यजी जोरदार हैं या वर्दी केंद्र में अभिनय का स्कूल अपने आप में 5 स्टार रेटिंग वाला है। इसे लेकर बराबर विडियो की वायरल स्थिति गतिमान है और उसका काउंट डाउन बरकरार है।

 

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