खुसूर-फुसूर
उल्टी गिनती पढने की कहानी…
खाद्य एवं ईंधन वाले विभाग में जिला अधिकारी की उलटी गिनती बोलने की स्थिति सामने आ रही है। पूरा मामला जिले की एक तहसील से जुडा हुआ बताया जा रहा है। मामले में विभाग ने सूचना आधारित कार्रवाई की और कार्रवाई में उसकी पुष्टि भी हुई। सामने पूरा मामला आया तो होंश फाख्ता हो गए। पूर्व के सियासतदार की दुकान में ही पूरा रायता फैला हुआ था। सब कुछ नया और भंडारण भी नया। जो कुछ हाथ लगा उसके बाद अधिकारियों के चेहरों पर आधी रात में चमक आ गई थी लेकिन यह चमक कुछ ही देर में स्याह हो गई। अधिकारियों की कार्रवाई में हस्तक्षेप हो गया और इसके साथ ही उनकी जुबां पर ताला डाल दिया गया। हालात ऐसे पैदा कर दिए गए कि मानों अधिकारियों ने ही अपराध किया हो। स्थिति कुछ घंटों में ऐसी हो गई की अधिकारी गए थे नमाज पढने बनाम कार्रवाई करने, और रोजे बनाम पूरी अनियमितता और गलती को दबाने का मामला गले पड गए। यही नहीं सेहरी बनाम प्रशंसा तो मिली नहीं और इफ्तार बनाम उल्टे मुंह छुपाने के भी लाले पड गए । खुसूर-फुसूर है कि तहसील स्तर पर पूर्व से ही पूरा मामला चर्चाओं में था। यही नहीं खरीदी की जानकारी भी सभी को पहुंच रही थी। केंद्र को लेकर भी पूर्व से ही संदिग्धता की स्थिति बताई जा रही है। सियासत के रौब से पूरा मामला ही गडबड बताया जा रहा है। तहसील से लेकर जिला के मामले से संबंधित अधिकारियों ने जमकर उल्टी गिनती पढी है। इसके साथ ही अधिकारियों की धुक-धुकी भी बंधी हुई बताई जा रही है । कहा गया है कि अगर मामला खुला और डेमेज कंट्रोल की स्थिति बनी तो उसकी क्षतिपूर्ति करना होगी।