उज्जैन। केन्द्रीय जेल भैरवगढ़ में एक बार फिर बंदियों के पास प्रतिबंधित सामग्री मिलने का खुलासा हुआ है। जेल प्रशासन की टीम द्वारा चलाये गये तलाशी अभियान में की पेड मोबाइल, पेन डाइव, नगदी और जर्दा पुडिया मिली है। 3 बंदियों के खिलाफ जेल अधिनियम की धारा में कार्रवाई की गई है।
जेल अधीक्षक मनोज साहू ने बताया कि खबर मिली थी कि जेल में कुछ बंदियों द्वारा मोबाइल का उपयोग किया जा रहा है। जिसमें वस्त्र गोदाम का इंचार्ज बनाये गये बंदी कुंदन पिता कैलाश की भूमिका भी है। मामला गंभीर होने पर जांच दल बनाया गया और तलाशी अभियान शुरू किया गया। इस दौरान गोदाम के पास नाली में छुपाकर रखा गया की पेड मोबाइल सीम लगा और एक पेन डाइव, 7 हजार के लगभग नगद राशि के साथ जर्दा पुडिया मिल गई। जिसे जप्त किया, वस्त्र गोदाम इंचार्ज बंदी कुंदन के साथ मामले में 2 बंदी सुखविंदर पिता सुरेन्द्रसिंह और तुषार पिता राजेन्द्र की भूमिका संदिग्ध पाई गई। तीनों के खिलाफ जेल अधिनियम की धारा में मुलाकात रोकने, सेल में रखने और जेल ट्रांसफर का प्रस्ताव तैयार किया गया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
दुष्कर्म मामले में सजायाफ्ता है कुंदन
जेल प्रशासन के अनुसार वस्त्र गोदाम का इंचार्ज बनाये गये बंदी कुंदन को दुष्कर्म के मामले में सजा हुई है। वह मूलरूप से इंदौर का रहने वाला है। उसे पिछले माह पैरोल पर रिहा किया गया था, 13 मार्च को ही वापस लौटा था। वहीं सुखविंदर और तुषार उज्जैन के रहने वाले है। दोनों को हत्या के आरोप में सजा सुनाई गई है। कुंदन 7 साल से जेल में है। वहीं सुखविंद साढ़े चार साल और तुषार 7 साल की सजा काट चुका है। मोबाइल की कॉल डिटेल का पता लगाया जायेगा कि तीनों ने किन लोगों से बात की है। वहीं पेन डाइव की जांच होगी।
प्रहरी के अंडरगारमेंट्स में मिला था जर्दा
कुछ दिन पहले ही केन्द्रीय जेल के प्रहरी नरेन्द्र चौधरी को जेल प्रशासन ने प्रवेश के दौरान पकड़ा था। जिसके अंडरगारमेंट्स में छुपाकर रखे गये जर्दा पाऊच मिले थे। प्रहरी के खिलाफ जेल विभाग की ओर से जांच शुरू कर जवाब मांगा गया था। इससे पहले भी कई प्रहरी मादक पदार्थ, मोबाइल और आपत्तिजनक सामग्री के साथ पकड़े जा चुके है। सख्ती के बाद भी प्रहरी और बंदियों द्वारा अनाधिकृत तरीके से सामग्री का उपयोग किया जाना सामने आ रहा है।
केन्द्रीय जेल में बंदियों ने नाली में छुपाकर रखा था मोबाइल -तलाशी अभियान में पेन डाइव के साथ मिले 7 हजार रूपये नगद