पुलिस जांच में पता चला कि जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच इस खाते में कुल ₹67.64 लाख जमा किए गए थे, जबकि ₹55.82 लाख निकाले गए। लेनदेन का यह पैटर्न असामान्य और संदिग्ध था, जिससे साइबर ठगी की आशंका मजबूत हुई।जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी छायेश सेन ने अपनी चेकबुक और एटीएम कार्ड दानु उर्फ अरमान तथा राहुल मालवीय को दिए थे। इन व्यक्तियों ने ऑनलाइन गेमिंग और फर्जी लॉटरी (सेवन लॉटरी) के नाम पर लोगों को ठगा। ठगी गई रकम इसी खाते में जमा करवाई जाती थी और फिर निकाल ली जाती थी, जिससे असली ठगों की पहचान छिपाई जा सके।माधवनगर थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से आरोपी की तलाश की। लगातार दबिश के बाद, 5 अप्रैल 2026 को छायेश सेन को गिरफ्तार कर लिया गया।आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन की पुलिस रिमांड मिली है। पुलिस अब छायेश सेन से पूछताछ कर पूरे साइबर ठगी नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66-D के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
ऑपरेशन मैट्रिक्स’:67 लाख के म्यूल अकाउंट का भंडाफोड़:साइबर ठगी में खाता संचालक गिरफ्तार, ‘ऑपरेशन मैट्रिक्स’ की कार्रवाई
उज्जैन। माधवनगर पुलिस ने ‘ऑपरेशन मैट्रिक्स’ के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ₹67 लाख से अधिक के संदिग्ध लेनदेन वाले एक म्यूल अकाउंट का भंडाफोड़ करते हुए खाता संचालक छायेश सेन (35) को गिरफ्तार किया है।यह मामला 2 अप्रैल 2026 को पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर शुरू हुई जांच के बाद सामने आया। जांच के दौरान, फ्रीगंज स्थित एसबीआई की एसएमई ब्रांच में ‘महाकाल इवेंट मैनेजमेंट एंड वीडियो फोटोग्राफी’ के नाम से संचालित एक खाता संदिग्ध पाया गया। बैंक ने इसे म्यूल अकाउंट मानते हुए तत्काल फ्रीज कर दिया था।