ईरान के साथ जंग में अकेले पड़े ट्रम्प:NATO देश बोले- ये हमारी लड़ाई नहीं, होर्मुज का रास्ता खुलवाने से इनकार

वॉशिंगटन डीसी।ईरान में खामेनेई समेत 40 से भी ज्यादा अधिकारियों के मारे जाने के बाद अमेरिका को यह जंग बड़ी कामयाबी नजर आ रही थी। लेकिन 17 दिन बाद हालात बदल चुके हैं। युद्ध का कोई साफ अंत नजर नहीं आ रहा है।ईरान ने जवाब में होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते तेल आपूर्ति रोक दी, जिससे दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बड़ी चोट पहुंची है। ट्रम्प अब अपने सहयोगी नाटो देशों से होर्मुज में रास्ता खुलवाने की अपील कर रहे हैं।हालांकि इन देशों ने साफ कर दिया है कि वे होर्मुज स्ट्रेट में अपने वॉरशिप नहीं भेजेंगे। यह फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि अगर नाटो देश इस अहम समुद्री रास्ते को फिर से खोलने में मदद नहीं करते, तो नाटो का भविष्य खराब हो सकता है।जर्मनी बोला- यह यूरोप की जंग नहीं-द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक जर्मनी ने साफ कहा है कि वह किसी भी सैन्य कार्रवाई में हिस्सा नहीं लेगा। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा कि इस मामले में कभी कोई फैसला नहीं हुआ, इसलिए जर्मनी के सैन्य योगदान का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की मौजूदा सरकार खत्म होनी चाहिए, लेकिन बमबारी करके उसे झुकाना सही तरीका नहीं है।जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने भी अमेरिका पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यह यूरोप का युद्ध नहीं है और जब अमेरिकी नौसेना खुद इतनी ताकतवर है, तो कुछ यूरोपीय जहाज क्या कर लेंगे।
Share:

संबंधित समाचार

Leave a Comment