ब्रह्मास्त्र इंदौर
आरटीओ आॅफिस में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब विभाग में 15 बम धमाके करने का धमकीभरा ई-मेल विभाग की मेल आईडी पर आया। इसके बाद पूरे दफ्तर को खाली करवाया गया। मौके पर पुलिस और बम डिस्पोजल की टीम पहुंची। पूरे दफ्तर को स्कैन (चेकिंग) किया गया, लेकिन कुछ नहीं मिला। दोपहर बाद फिर से विभाग में कामकाज शुरू हुआ।
आरटीओ प्रदीप शर्मा के अनुसार रविवार को 10:06 बजे आरटीओ कार्यालय की ई-मेल आई.डी. पर मेल आया। इसमें लिखा था कि सोमवार को आपके आरटीओ कार्यालय परिसर में 15 छोटे साइनाइड गैस बम धमाके किए जाएंगे। तमिल मंत्री सेंथिल बालाजी के खिलाफ सीबीआई केस वापस लें और सभी कर्मचारियों को वहां से हटाएं। मेल में किसी तेलुगु फिल्म के संबंध में भी लिखा गया है। आॅफिस खुलने पर जब स्टाफ ने मेल देखा तो इसकी जानकारी दी।
पहले भी आ चुके हैं इस तरह के धमकीभरे मेल- पिछले दिनों संभागायुक्त कार्यालय पर भी इसी तरह का धमकीभरा मेल आया था। इससे पहले एसपी आॅफिस, एयरपोर्ट, आॅइल डिपो, शहर के चार-पांच बड़े स्कूलों को भी इसी तरह के धमकीभरे मेल आए थे। इसके बाद पुलिस और बीडीएस तत्काल मौके पर पहुंचा था और स्कैनिंग की गई, लेकिन कुछ नहीं मिला।
इस तरह के मामले साइबर टेरर की श्रेणी में- साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तरह की धमकियां साइबर टेरर की श्रेणी में आती हैं। अपराधी अकसर फर्जी ईमेल आईडी और तकनीकी तरीकों से पहचान छिपाने की कोशिश करते हैं, लेकिन डिजिटल फॉरेंसिक के जरिए उन्हें ट्रैक करना संभव होता है। ईमेल हेडर, सर्वर लॉग और आईपी डिटेल्स की मदद से जांच एजेंसियां आरोपी तक पहुंच जाती हैं। इस तरह की धमकी देना गंभीर अपराध है। इसमें गैरजमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज हो सकता है और दोषी पाए जाने पर जेल के साथ जुमार्ना भी लगाया जाता है।