उज्जैन। स्वास्थ्य विभाग की नजरअंदाजी कहें या फिर प्रश्रय की शहर में संचालित कतिपय पैथालाजी लेब में गोलमाल का धंधा फल फूल रहा है। यहां न तो डिग्री का पता है और न ही तकनीकी योग्यता का । सिखने और सिखाने के आधार पर ही काम का संचालन किया जा रहा है। खास तो यह है कि एक ही पैथालाजिस्ट दर्जनों लेब की रिपोर्ट की पुष्टि कर रहा है। इसके बाद भी स्वासथ्य विभाग कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। पैथालाजी हो या फिर क्लिनिक सभी के…
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