उज्जैन। समर्थन मुल्य पर गेंहु बेचना टेढी खीर साबित हो रहा है। किसान गेहूं बेचने के लिए मंडी के बजाय तहसीलों के चक्कर लगा रहे हैं। यह वे किसान हैं, जिनके खेतों का सेटेलाइट सर्वे होना है। यह जिम्मा राजस्व विभाग का है। पटवारी, – आरआई को निर्देश दिए जा चुके हैं कि वे सर्वे पूरा कर लें, लेकिन सर्वे करने में लगातार देरी की जा रही है। यदि जरा सा भी डेटा मिसमैच हो रहा है तो वह पुनर्सत्यापन में चला जाता है। सर्वे पूरा नहीं होने के…
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