April 24, 2024

उज्जैन। शहर की बेतरतीब यातायात व्यवस्था के लिए बहुत हद तक लापरवाह वाहन चालक भी जिम्मेदार हैं। कई वाहन चालकों के लिए नियम तोडऩा आम बात है। यातायात विभाग द्वारा की गई कार्रवाई के आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है। बीते 17 माह 76 हजार लोगों के ई-चालान काटे जा चुके हैं। खास बात यह है कि इनमें से 15 हजार लोगों ने ही चालान जमा किया है। वहीं 61 हजार लोगों ने अब तक चालान नहीं भरा है। अब स्मार्ट सिटी कंपनी ऐसे लोगों के चालान कोर्ट में पेश करेगी। वहीं आरटीओ से भी ऐसे वाहनों के पंजीयन निरस्त करने के लिए भेजा जाएगा।
शहर में ट्रैफिक नियम तोडऩे वालों को उज्जैन स्मार्ट सिटी कंपनी बीते 17 अक्टूबर 2020 से 500-500 रुपये के ई-चालान घर भेज रही है। ये चालान शहर के 16 प्रमुख चौराहों एवं तिराहों पर लगे 306 सीसीटीवी कैमरे की मदद से जनरेट किए जा रहे हैं। कंपनी का कहना है कि जो भी शख्स मार्ग पर ट्रैफिक नियम तोड़ता है, उसकी जानकारी कैमरे से प्राप्त कर चालान जनरेट कर दिया जाता है। चालान जमा करने की पहली सूचना गाड़ी नंबर से जुड़े मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिये भेजी जाती है। 15 दिन में चालान जमा न करने पर साफ्ट कापी में चालान घर भेजा जाता है। इसके बावजूद राशि जमा न करने पर मोबाइल पर काल कर अनुरोध किया जाता है। इस पर भी बात नहीं बनती तो फिर गाड़ी का पंजीयन निरस्त करने को गाड़ी मालिक का नाम और गाड़ी नंबर की सूची क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को भेज दी जाती है।