April 24, 2024

उज्जैन। महाकाल मंदिर के गर्भगृह के बाहर बने गलियारे में रविवार की सुबह पानी भर गया और मंदिर के सहायक प्रशासक प्रतीक द्विवेदी नंदीहाल में खड़े होकर मोबाइल ही चला रहे थे। पंडे, पुजारियों और कर्मचारियों ने जब गलियारे में पानी भराने का नजारा देखा तो उन्होंने नंदीहाल में आकर अधिकारी को बताया भी सही। लेकिन उन्होंने इस बात को गंभीरता से लिया ही नहीं और काफी देर तक वह नंदीहाल में ही खड़े रहे। यही नहीं जब कुछ मीडिया कर्मियों ने उनसे इस बारे में जानकारी लेना चाही तो वह बोले कि यह छोटी सी बात है और कुछ नहीं। अधिकारी द्ववेदी अक्सर इस तरह का ही जवाब देकर बचते रहते हैं। मीडिया कर्मी जब भी उनसे मंदिर से जुड़े कई गंभीर सवाल करते हैं तो वह सवालों को टालकर धीरे से निकल लेते हैं। इतने महत्वपूर्ण और जवाबदार पद पर पदस्थ द्विवेदी को चाहिए कि वह अपने व्यवहार में सुधार लाएं। क्योंकि वह मंदिर जैसे स्थान पर कार्यरत हैं और उन्हें अपने कार्य के प्रति सजग रहना चाहिए। गर्भगृह के ठीक बाहर गलियारे में लापरवाही के चलते पानी भर जाने की घटना सामान्य नहीं है। मंदिर प्रबंध समिति के वरिष्ठ अधिकारियों को भी चाहिए कि वह द्विवेदी से इस संबंध में जानकारी तलब करें।