April 15, 2024

उज्जैन। होली पर्व की शाम महाकाल मंदिर में संध्या आरती के बाद परंपरा अनुसार सबसे पहले होली जलाई गई। इसके पहले आरती में पंडे-पुजारियों ने भगवान महाकाल को गुलाल लगाकर होली खेली तो आरती में शामिल भक्तों ने भी भगवान संग रंग-गुलाल उड़ाकर होली का पर्व मनाया। उज्जैन में परंपरा अनुसार सबसे पहले महाकाल के दरबार में होली मनती है। इसके बाद भक्त शहर में होली का त्योहार मनाते हैं। मंदिर प्रांगण में ओकारेश्वर के सामने होली की झांकी सजाई गई थी। लकड़ी व कंडों की होली के पास रंगोली बनाई गई थी। संध्या आरती में भगवान महाकाल को परंपरा अनुसार शक्कर से बनी माला अर्पित की गई। इसके बाद पुजारियों ने गर्भगृह में गुलाल उड़ाकर होली पर्व की शुरुआत की। शाम 7.30 बजे संध्या आरती संपन्न होने के बाद पंडे-पुजारीगण मंदिर प्रांगण में पहुंचे और होली माता का पूजन व आरती की। पूजा में मंदिर समिति के अधिकारी भी शामिल हुए। इसके बाद मंत्रोच्चार के साथ होलिका का दहन किया गया।