महाकाल के गर्भगृह में आग : मजिस्ट्रियल जांच शुरू, तीन दिन में आएगी रिपोर्ट

 

कलेक्टर ने बताया- आग से झुलसे 14 लोग खतरे से बाहर, तीन पुजारी को दी अस्पताल से छुट्टी

उज्जैन। महाकाल मंदिर के गर्भगृह में सोमवार सुबह भस्मारती में होली खेलने के दौरान आग लगने के मामले की मजिस्ट्रियल जांच शुरू हो गई है। कलेक्टर नीरज सिंह ने तीन दिन में रिपोर्ट मिलने की बात कही है। इस बीच प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि श्रृंगार के बाद कपूर आरती के दौरान स्प्रे से गुलाल उड़ाने पर आग भभकी थी। चांदी की दीवार पर लगाए गए कपड़े के कारण आग तेजी से फैली और पुजारियों और सेवकों को चपेट में ले लिया। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि आग आखिर कैसे लगी। इसके साथ ही कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। फिलहाल जांच के बाद ही पता चलेगा कि इन सवालों के जवाब मिल पाएंगे या नहीं ?

हर्बल गुलाल का उपयोग क्यों नहीं?

दैनिक ब्रह्मास्त्र ने कल के अपने स्पेशल अंक में यह सवाल भी उठाया था कि महाकाल मंदिर में करोड़ों रुपए का चढ़ावा आता है। ऐसे में केमिकल युक्त गुलाल का इस्तेमाल क्यों किया गया। शुद्ध यानी हर्बल गुलाल का इस्तेमाल किया जाता तो यह हालत नहीं बनते।
ध्यान रहे कि ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर के गर्भगृह में सोमवार सुबह भस्म आरती के दौरान आग लगी थी। इसमें पुजारियों सहित कुल 14 लोग घायल हो गए थे। इनमें से नौ पुजारियों, सेवकों को इंदौर रेफर किया गया। कलेक्टर के अनुसार सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर है। सभी का बेहतर इलाज किया जा रहा है। इस बीच तीन पुजारियों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई है।

दो हजार से अधिक लोग थे
भस्म आरती दर्शन के लिए नंदीहाल, गणेश और कार्तिकेय मंडपम् में दो हजार से अधिक श्रद्धालु मौजूद थे। आग लगने पर अफरा-तफरी की स्थिति बनी। कर्मचारियों ने स्थिति पर काबू पाया। अन्यथा बड़ा हादसा भी हो सकता था।