April 15, 2024

उज्जैन। ठंड और मावठे के मौसम में अंतिम संस्कार के लिए लाए हुए शव अधजले रह रहे हैं, ऐसे में समाजसेवी अनिल डागर द्वारा इन अधजले शवों को जलाया जा रहा है। अनिल डागर ने आरोप लगाया कि श्मशान समिति द्वारा कमजोर कंडे और लकड़ियां कम दिये जाने के ऐसी स्थिति बन रही है। समिति जो लकड़ियां 150 रूपये क्विंटल में देनी चाहिये वह 700 रूपये क्विंटल में दी जा रही है।
अनिल डागर ने बताया कि ठंडे मौसम और बारिश के कारण लकड़ी गीली हो रही है ऐसे में अंतिम संस्कार के बाद बॉडी पूरी तरह जल नहीं पा रही। ऐसे में प्रतिदिन शाम को वे चक्रतीर्थ पहुंचकर इन अधजली लाशों को जला रहे हैं। डागर ने बताया कि ठंड के समय में शव को जलने में करीब 5 घंटे, बारिश के मौसम में 6 घंटे और गर्मी में करीब डेढ़ से दो घंटे लगते हैं। उपर से श्मशान समिति द्वारा लकड़ी, कंडे में किये जा रहे हेरफेर के कारण शवों के साथ ऐसी दुर्गति हो रही है। अनिल डागर करीब 30 सालों से लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार कर रहे हैं। अनिल डागर ने बताया कि कई बार ऐसी घटनाएं हुई जब बॉडी पर वजन नहीं रखा जाए तो लाशें उठ जाती हैं, लकड़ी कम रखी जाए तब ऐसी घटनाएं होती है।