अंचल में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त….निरंतर हो रही बारिश से फसलों पर मंडराया संकट

झाबुआ। नगर सहित अंचल में पिछले 20 घंटों से लगातार हो रही बारिश का कहर अब हर जगह मंडराने लगा है। बारिश ने लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। निरंतर हो रही बारिश के कारण अब फसलों पर भी संकट मंडराने लगा है। सतत् हो रही बारिश के कारण हर कोई परेशान हो गया है। बारिश के चलते अंचल के कई नदी, नाले खतरे के निशान से ऊपर आ गये है। जहां देखो वहां पानी ही पानी नजर आ रहा है। बारिश के लगातार होने के चलते कई क्षेत्र आवागमन भी बाधित हो गया है। मूसलाधार बारिश के कारण नदी नालों ने विकराल रूप लेना शुरू कर दिया है। क्षेत्र के कई नदी, नाले ऊफनने लगे हैं। अंचल की कई निचली बस्तियों व नदी, नालों के आसपास रहने वाले लोगों के घरों में भी बारिश का पानी घुस गया है। ग्राम डूंगरालालु, ग्राम सेमलिया रोड का मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। तेज बारिश के चलते माही डेम के 8 गेट खोल दिए गए हैं, जिससे माही नदी के पानी का जलस्तर बढ़ चुका है, जिस कारण पेटलावद, थांदला हाइवे मार्ग पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है। जिले भर में एक दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क बारिश की वजह से झाबुआ से टूट गया है। अब लोग भी लगातार हो रही बारिश को आफत की बारिश कहने से नहीं चुक रहे हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण झाबुआ अनास नदी भी ओवरफ्लो जा रही है। पेटलावद, बदनावर मार्ग पर माही नदी का विकराल रूप देखा जा रहा है। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार पुल के ऊपरी हिस्से को छुते हुए पानी गुजर रहा है, ऐसे में पुल पर खतरा मंडरा रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन नदी नालों पर जगह-जगह मुस्तैद दिखाई दे रहा है। प्रशासन ने बारिश के चलते अलर्ट जानकारी कर दिया है। वही रोजमर्रा की जिंदगी जीने वाले फुटकर व्यापारियों पर यह बारिश करह की बारिश बनी दिखाई दे रही है। बारिश व हवा की वजह से अंचल में कई स्थानों पर पेड़ भी गिरे, जिसके कारण इलाकों की बिजली घंटों गुल रही। झाबुआ मेहताजी का तालाब लबालब भरने के बाद उसका पानी झरने के रूप में कुरैशी कंपाउंड के निकट बह रहा है। लगातार बारिश से कुरैशी कंपाउंड के पुलिया के उपर भी पानी आ जाने से इस मार्ग का आवागमन बंद हो गया है। बहादुर सागर एवं मेहताजी तालाब में जमी जलकुंभी भी बारिश के पानी के साथ बह रही है।

माही डेम के सभी गेट 2010 में खोले गए थे

भारी बारिश के चलते माही डेम के मुख्य बांध के 8 गेट खोल दिए गए हैं, लगातार हो रही झमाझम बारिश के कारण नदी, नालों ने विकराल रूप ले रखा है, जिसके कारण सब कुछ अस्त-व्यस्त हो गया है, कई सालों बाद इस प्रकार की बारिश देखने को मिली है, जिसने पिछले 24 घंटे में ही नदी, नालों को ऊफान पर ला दिया है और पूरे क्षेत्र में अलर्ट जारी हो गया है। माही डेम मुख्य बांध के गेट कई सालों बाद खोले गए हैं, पिछली बार वर्ष 2010 में सभी गेट खोले गए थे, जो आज तेज बारिश के चलते यहां सभी गेट खोलने पडे। प्रशासन का मानना है कि माही डेम के 8 गेट खोलने से सभी नदियों में पानी का जलस्तर बढ़ सकता है। प्रशासन यहां अलर्ट मोड पर है, सभी को नदी किनारो पर नहीं जाने की हिदायत दी जा रही है।

लगातार हो रही बारिश से फसलों पर संकट

क्षेत्र में शुक्रवार शाम से प्रारंभ हुई बारिश थमने का नाम नही ले रही है, जिसके कारण अब फसलों पर संकट मंडराने लगा है, तेज हवा व बारिश के कारण अंचल के कई इलाकों में फसलें ओंधे मुंह जमीन पर गिर गई जिसके कारण किसानों को काफी नुकसान का अंदेशा बन गया है। ग्राम परवलिया व आसपास के क्षेत्रों में 18 से 20 घंटे सतत हो रही बारिश के कारण किसानों के चेहरों पर मायूसी छा गई है और लगातार बारिश को देखते हुए किसान लोग फसलों को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। वही कई खेतों में पानी घुस जाने से खेत तालाब के रूप में तब्दील हो गये है। किसानों का कहना है कि रूठे इंद्र देव को बडी मुश्किल से मनाया और जब फसलों को नया जीवन दान मिला तो अब लगातार हो रही बारिश से फसलों पर संकट मडराने लगा है। किसानों के सिर पर कर्ज का बोझ सामने दिखाई दे रहा है।

दर्जनों पेड़ गिरे, घंटों रही बिजली गुल

लगातार हो रही बारिश के कारण जिले भर में दर्जनों पेड़ व विद्युत पोल बारिश व हवा की चपेट में आने के कारण जमीन पर ओंधे मुंह गिर गए जिसके कारण शहर से लेकर गांवों, कस्बों व फलियो तक आवागमन का संपर्क टूट गया, पेड़ व विद्युत पोल गिरने के कारण कई वाहनों को भी क्षति पहुंची है। जिला मुख्यालय की बिजली घंटो गुल रही। वही गोपाल कॉलोनी की बिजली सुबह 5 बजे से गुल हुई जिसे दोपहर 3 बजे तक विद्युतकर्मी दुरुस्त करने में लग रहे तब जाकर गोपाल कॉलोनी का विद्युत प्रवाह शुरू हो पाया।

स्कूलों घोषित की छुट्टी

झाबुआ में हो रही लगातार बारिश के चलते जिला प्रशासन ने शनिवार को जिले भर की शासकीय एवं निजी स्कूलों में छुट्टियां घोषित की है, वहीं कलेक्टर द्वारा पूरे जिले की पल-पल की रिपोर्टिंग ली जा रही है। दुसरी और थांदला क्षेत्र की पदमावती नदी ने भी रौद्र रूप धारण कर रखा है, नदी पूर्ण रूप से उफान पर चल रही है, पूल टच तब पानी पहुंच गया है, खवासा में भारी बारिश के चलते निचले स्तरों पर पानी भर गया है, स्कूल, छात्रावास तक डूब गए हैं, कहीं घरों में पानी घुस गया है, क्षेत्र के नदी, नाले ऊफान पर है, कई गांव से संपर्क टूट चुका है। सारंगी में बस स्टैंड की नदी ऊफान पर है, कई गांव के लोगों का संपर्क टूट चुका है, वही रतलाम जाने वाले रोड पर नदी, नाले ऊफान पर है। झकनावदा की नदी मधु कन्या में भी विकराल रूप ले लिया है। झमाझम बारिश से मेघनगर शहर भी तरबतर हो गया है। बारिश के चलते शहर की बिजली गुल होने से लोगों को परेशानियां उठाना पड रही है।

जिले में बारिश की स्थिति

शुक्रवार शाम से अंचल में हो रही बारिश का क्रम शनिवार को भी बना रहा। जिले में 1 जून से आज तक 756.33 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। 15 सितंबर को प्रातः 8 बजे से 16 सितंबर की प्रातः 8 बजे तक झाबुआ में 83.40, रामा में 91.30, राणापुर में 69, मेघनगर में 65, थांदला में 93.20 एवं पेटलावद में 152.60 मिमी वर्षा दर्ज की गई। उक्त अवधि में झाबुआ में कुल 784.70, रामा में 869, राणापुर में 535.50, मेघनगर में 725, थांदला में 684.40 एवं पेटलावद में 939.40 मिमी वर्षा रेकार्ड की गई। जबकि गत वर्ष इस अवधि में झाबुआ में कुल 738.80, रामा में 698.10, राणापुर में 551.50, मेघनगर में 682.30, थांदला में 774.20 एवं पेटलावद में 770.70 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। आंकड़ों के मुताबिक गतवर्ष की तुलना में इस वर्ष राणापुर और थांदला में बारिश कम दर्ज हुई है।

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