देवी अहिल्याबाई की पालकी में आएंगे उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

 

समिति लोकमाता की, 228वीं पुण्यतिथि 13 सितंबर को मनाएगी, इस बार होगा भव्य आयोजन

इंदौर। लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर की पुण्यतिथि पर 13 सितंबर को निकलने वाली पालकी यात्रा में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे। उन्होंने इसकी सहमति बुधवार को अहिल्योत्सव समिति को दे दी है। उनके आगमन को देखते हुए समिति ने कार्यक्रम में कुछ फेरबदल भी किया है।
देवी अहिल्या की पालकी हमेशा की तरह गांधी हाल से राजवाड़ा तक निकलेगी, लेकिन कार्यक्रम रवींद्र नाट्यगृह में होगा। पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने बताया कि योगी आदित्यनाथ से चर्चा हुई है, उन्होने मौखिक सहमति दी है। समिति देवी अहिल्याबाई होलकर की 228वीं पुण्यतिथि 13 सितंबर को मनाएगी।
उत्सव संयोजक सुधीर देड़गे ने बताया कि समिति की बैठक में योगी आदित्यनाथ के आने की जानकारी सुमित्रा महाजन ने दी है। समिति ने आयोजन के आमंत्रण पत्र भी छपवा लिए थे, लेकिन अब नए सिरे से आमंत्रण पत्र प्रकाशित कराए जा रहे हैं।

अहिल्याबाई ने पूरे भारत को जोड़ने का काम किया : महाजन

देवी अहिल्याबाई ने पूरे भारत को जोड़ने का काम किया है। हमें भी चाहिए कि हम इस उत्सव को पूरे इंदौर के जन-जन का उत्सव मनाएं। अहिल्या उत्सव इंदौर का सामाजिक उत्सव नहीं है, यह इंदौर की आम जनता का उत्सव है।
यह बात पूर्व लोक सभा स्पीकर एवं देवी अहिल्या उत्सव समिति की अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने समिति द्वारा आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए कही। समिति यह पुण्यतिथि महोत्सव गत 108 वर्षों से मना रही है।
आयोजन संयोजक सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि पालकी यात्रा के दौरान सभी मंच सड़क के एक तरफ लगाए जाएंगे। शोर करने वाले डीजे यात्रा में शामिल नहीं होंगे। मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि मां अहिल्या की सोच देश की अखंडता से जुडी हुई थी। यह हर वर्ग का उत्सव है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीतसिंह चड्ढा ने कहा कि यह किसी पार्टी का नहीं बल्कि इंदौर के जन जन का आयोजन है।