इंदौर के सियागंज से व्यापारियों के चार करोड़ लेकर भागा दलाल, चौराहे पर टंगे पोस्टर

 

पक्के बिल न होने से एफआईआर भी दर्ज नहीं करवा रहे

इंदौर। मध्य प्रदेश के सबसे बड़े थोक किराना बाजार सियागंज में चौराहों और खंबों पर एक कारोबारी की तलाश के लिए पोस्टर टांग दिए गए हैं। करीब 100 साल पुराने इस बाजार के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है। किराना दलाल गोपाल पुरोहित की तलाश के लिए व्यापारी एसोसिएशन ने यह पोस्टर टांगे हैं। यह दलाल व्यापारियों के कम से कम चार करोड़ रुपये हजम कर भागा है। हैरानी यह कि चौराहों पर भले ही पोस्टर लग गए, लेकिन मामले में अब तक एफआईआर नहीं लिखवाई गई है।
सियागंज में बीते पांच वर्षों से कारोबार कर रहे गोपाल पुरोहित की तलाश के लिए व्यापारी संघ के नाम से ऐसे पोस्टर टांगे गए हैं। मंगलवार से दलाल के अचानक गायब होने की खबर बाजार में फैली और शुक्रवार दोपहर बाद ये पोस्टर टांग दिए गए। इससे पहले दलाल पुरोहित के एयरपोर्ट क्षेत्र स्थित घर पर जाकर भी व्यापारियों ने तफ्तीश की।

जिन्होंने पक्के बिल न बनाकर पर्चियों पर धंधा किया वे उलझे

व्यापारियों के अनुसार, शकर-तेल व अन्य किराना वस्तुओं में दलाली का काम करने वाले गोपाल पुरोहित ने सियागंज व्यापारी एसोसिएशन के पदाधिकारियों के रुपये भी डकार लिए। कई व्यापारी तो इसलिए भी सामने नहीं आ रहे हैं कि लेन-देन पक्के बिलों के बजाय पर्चियों पर किया है। ऐसे में हेराफेरी का आंकड़ा और भी बढ़ा हो सकता है। दरअसल, कई व्यापारियों का माल लेकर उसे बाले-बाले बेचकर दलाल ने रुपया अपनी जेब में रख लिया और फरार हो गया।

दलालों पर सख्ती जरूरी

सियागंज में दलाल द्वारा रुपये डकारने का बीते कुछ वर्षों में यह चौथा-पांचवां मामला है। सियागंज में दलाल एसोसिएशन भी बनी है। बताया जा रहा है कि गबन कर भागने वाला आरोपी दलाल एसोसिशन का पदाधिकारी भी था। सोमवार को मामले में व्यापारी एसोसिएशन बैठक बुलाने की तैयारी कर रहा है। चर्चा है कि दलाल एसोसिएशन ऐसे मामले पर न तो नियंत्रण कर पा रहा है, न भागने वाले का सुराग ढूंढ पा रहा है। लिहाजा आने वाले समय में दलालों के कामकाज के लिए नए नियम तय किए जा सकते हैं। सियागंज में 275 दलाल ऐसे हैं जो एसोसिएशन में रजिस्टर्ड हैं, जबकि 100 दलाल ऐसे है जो बिना पंजीकरण भी काम कर रहा है।

अध्यक्ष ने की शिकायत पर कई बच रहे

सियागंज होलकर किराना मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश खंडेलवाल का कहना है कि मेरी शकर की गाड़ियों के रुपये भी इस दलाल से लेना हैं। दलाल का व्यवहार ऐसा था कि आसानी से व्यापारियों ने भरोसा कर लिया। मामले में पुलिस अधिकारियों से मिले हैं और लिखित शिकायत की है। सही है कि कई व्यापारी शिकायत के लिए सामने नहीं आ रहे। पहले भी ऐसे मामले हो चुके हैं। एसोसिएशन सख्त नियम बनाने की तैयारी कर रहा है। पता बताने वाले को एक लाख रुपये का इनाम भी दिया जाएगा।

व्यापारी ज्यादा दिन रुपए बकाया नहीं रखें

सियागंज किराना बाजार दलाल संगठन के अध्यक्ष मनीष बिसानी का कहना है कि उन्हीं दलालों को पंजीकृत किया जाता है जिसकी दो व्यापारी गारंटी देते हैं। व्यापारियों को भी ध्यान रखकर उधार और बकाया पर काम करना चाहिए। ज्यादा दिन रुपये बकाया रहते हैं तो कई लोगों से इकट्टा कर भागने का मौका मिल जाता है। हम दलाल की तलाश कर रहे हैं।