April 24, 2024

इंदौर ।   इंदौर विकास प्राधिकरण (आइडीए) ने कागज रहित व्यवस्था की शुरूआत करते हुए लीज मैनेजमेंट सिस्टम की शुरूआत की है। इसमें नामांतरण और लीज नवीनीकरण के प्रकरणों के कागजात जमा करने की प्रक्रिया को आनलाइन किया गया है। लीजधारियों को घर बैठे आनलाइन आवेदन करने की सुविधा उपलब्ध हो रही है, लेकिन प्रकरणों के निराकरण की प्रक्रिया धीमी है। इससे आवेदकों को बार-बार प्राधिकरण के चक्कर लगाना पड़ रहे हैं। आइडीए की स्कीमों में हजारों फाइलें दो माह से ज्यादा समय से लंबित हैं। लीजधारियों को हर बार अगली तारीख देकर रवाना कर दिया जाता है।
आइडीए डिजिटल सुविधाओं से लेस होने की कयावद कर रहा है तो दूसरी तरफ अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं कर पा रहा। आइडीए के 40 हजार के करीब लीजधारी हैं, जो धीमी प्रक्रिया के कारण परेशान हैं। लीज और नामांतरण के प्रकरणों का निराकरण समय-सीमा में नहीं हो पा रहा है। बाबू से लेकर अधिकारियों की टेबल पर ही फाइलें घूमती रहती हैं। आनलाइन व्यवस्था के बाद भी लीजधारियों को प्रकरणों के निराकरण के लिए चक्कर लगाना पड़ रहा है।