रचनाकारों ने विविध विषयों को आधार बनाकर किया काव्य पाठ

काव्य पाठ के साथ गीतों की भी सजी महफिल
दैनिक अवन्तिका इंदौर
स्वर कराओके क्लब व अखिल भारतीय काव्य मंजूषा साहित्य वल्लरी मंच महू के तत्वावधान में संगीत व काव्यगोष्ठी आयोजित की गई। सावन की अगुवाई और विश्व पितृ दिवस के उपलक्ष्य में हुए इस आयोजन में इंदौर, महू तथा धार के कवि-कवयित्रियों और गायक-गायिकाओं ने प्रस्तुति दी। आयोजन में कवियों ने काव्यपाठ किया और गायक गायिकाओं ने एक से बढ़कर एक गीतों की प्रस्तुति भी दी। इस काव्य तथा संगीत गोष्ठी कार्यक्रम की शुरूआत सरस्वती वंदना से हुई। यह सरस्वती वंदना राजलक्ष्मी मोहंती ने प्रस्तुत की।
डा. प्रभु शंकर दुबे व साथियों ने गणेश वंदना प्रस्तुत की। गायिकाओं में लक्ष्मी दुबे, सुरभि शुक्ला, अर्चना पंडित, चंदा कुंडेलवाल, नीरू सिन्हा, जया ललवानी, मंगला गुर्जर और गायकों में सतीश, सत्य प्रकाश चौहान, नारायण लालवानी, धीरज जैन, नीरज सिन्हा, महेंद्र कुंदनानी, वंश गुर्जर, अनुराग तिवारी, सुशील जैन, मनोज सोनवनिया, विनोद सिंह गुर्जर ने गीतों से सुंदर समा बांधा। इन कलाकारों ने हिंदी फिल्मों के सदाबहार गीत प्रस्तुत किए। यह गीत एकल और युगल थे।
दशरथ ठाकुर ने सुमधुर बांसुरी वादन किया। आयोजन में हुई काव्यगोष्ठी में आशा मानधन्या, भगवान दास तरंग, दशरथ ठाकुर, सुखप्रीत सिंह ‘सुखी’, अनिरूद्ध कुशवाहा, प्रीति धीरज जैन, सुरेश चंद्र अस्थाना, सुरभि शुक्ला, अर्चना पंडित एवं सपना सीपी साहू ‘स्वप्निल’ ने सुंदर काव्यपाठ किया। इन रचनाकारों ने विविध विषयों को आधार बनाकर काव्य पाठ किया जिसमें सामाजिक परिस्थिति, राजनीतिक स्थिति, हास्य, श्रृंगार, वीर रस की कविताएं भी शामिल थी। सचिन सिंह राणा, विद्या राणा ने विशेष उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के मध्य क्रम में महेंन्द्र कुंदनानी द्वारा साहित्य और संगीत के क्षेत्र में निस्वार्थ भाव से सेवारत कवि विनोद सिंह गुर्जर का श्रीफल शाल से सम्मान किया। पूरे गरिमामय आयोजन का संचालन सपना सीपी साहू ने किया। आभार कवि विनोद सिंह गुर्जर ने माना।

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