भाजपा के सबसे ताकतवर संसदीय बोर्ड में जटिया को जगह, शिवराज आउट, मध्य प्रदेश की सियासत गरमाई

भोपाल। भाजपा ने संगठन में अपने सबसे ताकतवर संसदीय बोर्ड के सदस्यों में कुछ नए चेहरों को जगह दी गई है। इसमें 9 साल बाद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बाहर कर दिया गया है। उनकी जगह प्रदेश के दलित नेता सत्यनारायण जटिया को जगह मिली है। शिवराज भाजपा के सबसे वरिष्ठ मुख्यमंत्री हैं। इस कारण वे पिछले 9 साल से संसदीय बोर्ड के सदस्य थे। इस बार संघ के करीबी माने जाने वाले और 7 बार उज्जैन से सांसद रहे जटिया को उनकी जगह शामिल किया गया है। इसके राजनीतिक मायने यह निकाले जा रहे हैं कि मप्र में अगले साल होने वाले चुनाव की तैयारी में भाजपा अपना चेहरा बदलना चाहती है। यह बदलाव ऐसे समय किया गया है जब अगले साल मप्र में विधानसभा चुनाव होना है। बहरहाल, संसदीय बोर्ड में जटिया को जगह मिलने और शिवराज को हटाए जाने से मध्य प्रदेश की सियासत गरमा गई है।

 

जटिया बनेंगे दलित चेहरा

मप्र से शिवराज सिंह चौहान की जगह पूर्व मंत्री सत्यनारायण जटिया को मौका मिला है। जटिया संघ के करीबी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी जटिया के मधुर संबंध हैं। दो साल पहले उन्होंने पूरे परिवार के साथ संसद भवन में पीएम से मुलाकात की थी। सत्यनारायण जटिया उज्जैन से सात बार सांसद रहे हैं। इसके साथ ही वह एक बार राज्यसभा के सदस्य भी रहे हैं। पार्टी ने उन्हें इस बार राज्यसभा नहीं भेजा था, अब उन्हें केंद्रीय चुनाव समिति में शामिल किया है। जटिया दलित वर्ग से आते हैं। इससे पहले थावरचंद गहलोत संसदीय बोर्ड में थे, लेकिन कर्नाटक का राज्यपाल बनाए जाने के बाद वे पार्टी के किसी भी पद पर नहीं थे।

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